चैत छठ पर उमड़ी आस्था: सूर्य मंदिर में सैकड़ों महिलाओं ने उगते सूर्य को दिया अर्घ्य

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वीरेंद्र कुमार

O- विंढमगंज में श्रद्धा, अनुशासन और परंपरा का अद्भुत संगम, घाटों पर उमड़ी भीड़, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

सोनभद्र। जनपद के विंढमगंज क्षेत्र स्थित सतत वाहिनी नदी तट पर बने विशाल सूर्य मंदिर विंढमगंज परिसर में चैत छठ पर्व पूरे श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मनाया गया। तड़के सुबह सैकड़ों व्रती महिलाओं ने उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

सुबह होते ही मंदिर परिसर और छठ घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पूरे वातावरण में भक्ति गीतों, मंत्रोच्चार और लोक परंपराओं की गूंज सुनाई दी, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा।

सन क्लब सोसायटी के अध्यक्ष अभिषेक प्रताप सिंह (किशु सिंह) ने बताया कि चैत छठ का विशेष धार्मिक महत्व है। यह पर्व वर्ष में दो बार मनाया जाता है, कार्तिक और चैत मास में और दोनों ही अवसर अत्यंत पवित्र माने जाते हैं। मान्यता है कि इस व्रत के पालन से संतान सुख, समृद्धि और परिवार में खुशहाली आती है।

उन्होंने बताया कि छठ पर्व भारतीय संस्कृति का सबसे अनुशासित और कठिन व्रतों में से एक है, जिसमें व्रती महिलाएं चार दिनों तक कठोर नियमों का पालन करती हैं। इस दौरान निर्जला व्रत रखते हुए वे डूबते और उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित करती हैं।

व्यवस्थाएं और सुरक्षा:

मंदिर परिसर और छठ घाटों की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा गया। क्लब के पदाधिकारियों और स्थानीय स्वयंसेवकों ने व्यवस्थाओं को संभाला, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। सुरक्षा के मद्देनजर स्थानीय प्रशासन भी मौके पर तैनात रहा।
चैत छठ केवल एक पर्व नहीं, बल्कि आस्था, अनुशासन और प्रकृति के प्रति श्रद्धा का प्रतीक है, जो समाज को एकजुट करने का कार्य करता है।

चैत छठ केवल एक पर्व नहीं, बल्कि आस्था, अनुशासन और प्रकृति के प्रति श्रद्धा का प्रतीक है, जो समाज को एकजुट करने का कार्य करता है।

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