डोरिया नाला (झरना) बनेगा आकर्षण का केंद्र, पर्यटक हो रहे मोहित पर प्रशासन उदासीन

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O- सोनभद्र से अमित मिश्रा की रिपोर्ट

सोनभद्र। प्रकृति की गोद में बसे सोनभद्र जिले में पर्यटन विकास की अपार संभावनाएँ हैं। म्योरपुर विकास खंड के ग्राम पंचायत बेलहथी का डोरिया नाला (झरना) इन्हीं प्राकृतिक धरोहरों में से एक है, जहाँ का दृश्य देखकर हर आगंतुक मंत्रमुग्ध हो जाता है। घने जंगलों के बीच बहता यह झरना अब देश-विदेश के पर्यटकों का नया आकर्षण बन रहा है, लेकिन अफसरों की लापरवाही इस स्थान के विकास में बड़ी बाधा बनी हुई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन थोड़ी रुचि ले तो यह स्थल न केवल जनपद का बल्कि पूरे प्रदेश का प्रमुख पर्यटक केंद्र बन सकता है। यहाँ रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे और ग्रामीणों का आर्थिक स्तर सुधरेगा।

वरिष्ठ अधिवक्ता विकास शाक्य का कहना है कि “यदि वन विभाग यहां शौचालय, पेयजल, रोशनी और बैठने की व्यवस्था करा दे तो रोजाना सैकड़ों सैलानी पहुंच सकते हैं।” उन्होंने बताया कि कुछ माह पूर्व रूस और थाईलैंड सहित कई देशों से विदेशी पर्यटक यहाँ पहुंचे थे। उन्होंने झरने की सुंदरता को कैमरे में कैद किया और इसकी भव्यता की सराहना की।

ग्रामीण रजवंती, रामनाथ और तेजू ने बताया कि यहां का दृश्य मनमोहक है, लेकिन सड़क और बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण पर्यटक दोबारा आने से हिचकते हैं। ग्रामीणों ने डीएम बद्रीनाथ सिंह और वन विभाग से इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मांग की है। डीएम का पर्यटन विकास पर फोकस

डीएम का पर्यटन विकास पर फोकस

डीएम बद्रीनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई जिला पर्यटन एवं संस्कृति परिषद की बैठक में जनपद के पर्यटन स्थलों के समग्र विकास की रूपरेखा तैयार की गई। उन्होंने अबाड़ी, सखलन फॉसिल्स पार्क, शिवद्वार मंदिर, कैलाश कुंज, विजयगढ़ किला और अगोरी किला जैसे स्थलों पर पर्यटन सुविधाओं को विस्तार देने के निर्देश दिए हैं।

डीएम ने कहा कि “पर्यटन को बढ़ावा देने से न केवल रोजगार के अवसर पैदा होंगे, बल्कि सोनभद्र की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को भी नई दिशा मिलेगी।” उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि इच्छुक युवाओं को लोकल गाइड का प्रशिक्षण देकर स्थानीय रोजगार बढ़ाया जाए।

टूरिज्म वेबसाइट पर होगी विस्तृत जानकारी

डीएम ने पर्यटन विभाग को निर्देश दिए हैं कि होटल, पेइंग गेस्ट हाउस और पर्यटक स्थलों की सूची तथा उनकी दरें टूरिज्म की वेबसाइट पर अपलोड की जाएँ, ताकि पर्यटकों को सुविधाओं की जानकारी आसानी से मिल सके। साथ ही ऐतिहासिक स्थलों की विस्तृत जानकारी एकत्र करने के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) से संपर्क करने को कहा गया है।

सलखन फॉसिल पार्क बनेगा नया टूरिज्म सेंटर

विंध्याचल मंडल के आयुक्त बाल कृष्ण त्रिपाठी ने हाल ही में सलखन फॉसिल पार्क का निरीक्षण कर इसे प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना पर चर्चा की थी। इसके सौंदर्यीकरण के लिए 2 करोड़ रुपये की मांग की गई है, जिसके तहत नेचर ट्रेल, चित्रण केंद्र, मुख्य द्वार और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।

डीएम बी एन सिंह ने कहा कि “पार्क के प्रचार-प्रसार के लिए वीडियो क्लिप तैयार कर लोगों को यहां के इतिहास और महत्व से जोड़ा जाएगा।”

सोनभद्र की प्राकृतिक और ऐतिहासिक धरोहरें देश-विदेश के सैलानियों को आकर्षित कर सकती हैं। जरूरत सिर्फ इतनी है कि प्रशासनिक इच्छाशक्ति और योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आए, ताकि डोरिया नाला (झरना) जैसे स्थल पर्यटकों के लिए नई पहचान बन सकें और ग्रामीणों को विकास की नई दिशा मिले।

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