अमित मिश्रा
सोनभद्र । जिले के कोन विकास खंड के कुड़वा गाँव में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हुई अनियमितताओं ने एक दर्दनाक मोड़ ले लिया है। गाँव की निराश्रित महिला इसरावती देवी, जिन्हें वर्ष 2022-23 में प्रधानमंत्री आवास का लाभ मिलना था, आवास की प्रतीक्षा में ही दम तोड़ बैठीं। मृतका के परिजनों का आरोप है कि ग्राम पंचायत सदस्यों और अन्य लोगों की सांठगांठ से उनके नाम आवंटित धनराशि हड़प ली गई थी।
इसरावती देवी ने पिछले कई महीनों से ब्लॉक विकास अधिकारी कार्यालय से लेकर थाना कोन तक शिकायत दर्ज कराई थी। मुख्यमंत्री शिकायत प्रकोष्ठ पर भी उन्होंने अपनी बात रखी थी। इसके बाद उन्होंने ग्रामीणों के साथ मिलकर प्रदर्शन भी किया था, लेकिन उनकी गुहार किसी के कानों तक नहीं पहुँची। लगातार हो रही इस उपेक्षा और मानसिक तनाव के बीच पिछले सप्ताह इसरावती की हृदयगति रुकने से मौत हो गई।

मृतका की पुत्री आरती कुमारी ने बताया कि उनकी माँ के नाम आवंटित आवास की राशि वार्ड सदस्यों और अन्य लोगों ने धोखाधड़ी से हड़प ली थी। उन्होंने बताया, “हमने प्रधानमंत्री से लेकर जिलाधिकारी तक सभी को पत्र लिखकर मदद माँगी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। आज मेरी माँ इस व्यवस्था के खिलाफ लड़ते-लड़ते चली गई।”
इस घटना के बाद गाँव के लोगों में गुस्सा फूट पड़ा। मृतका की बेटी आरती के नेतृत्व में ग्रामीणों ने बड़ा प्रदर्शन किया, जिसमें निर्मला देवी समेत कई स्थानीय निवासी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई और मृतका के परिवार को मुआवजा देने की माँग की।
यह घटना सरकारी योजनाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार और लापरवाही की पोल एक बार फिर खोलती है। सवाल यह उठता है कि क्या वास्तव में ‘हर गरीब को अपना छत’ देने का सरकार का वादा सच हो पाएगा? क्या इसरावती देवी जैसे गरीबों को न्याय मिल पाएगा? जिला प्रशासन ने मामले की जाँच का आश्वासन दिया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।







