अमित मिश्रा
दो हजार में दम नहीं 21हजार से कम नहीं लगाए नारे
4 माह से बकाया धनराशि को लेकर दो दिवसीय धरना प्रदर्शन जारी
सोनभद्र। माध्यमिक भारतीय रसोईया वेलफेयर एसोसिएशन के द्वारा जिला मुख्यालय लोढ़ी में दो दिवसीय धरना प्रदर्शन कर 5 सूत्रीय मांग पत्र मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौपा।
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित संगठन के संस्थापक तैयब अंसारी ने कहा कि प्रदेश सरकार विद्यालयों में कार्यरत रसोईयों के साथ सदैव सौतेला व्यवहार कर रही है। उच्च न्यायालय द्वारा बार-बार स्थायी करते हुए न्यूनतम मानदेय देने का केन्द्र व प्रदेश सरकार को निर्देशित किया जा रहा है परन्तु डबल इंजन की सरकार मौन साध रखी है।
श्री अंसारी ने केन्द्र व प्रदेश सरकार से निम्नांकित मांग करते हुए कहा कि उप्र के परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत रसोईयों को स्थायी कराते हुए भारत सरकार के श्रम विभाग द्वारा निर्धारित न्यूनतम मानदेय दिलाने हेतु शासनादेश जारी किया जाय। प्राथमिक विद्यालय एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के रिक्त पदों पर रसोईयों का चयन शासनादेश निदेशक मध्यान भोजन प्राधिकरण उ०प्र० लखनऊ / बेशिक शिक्षा अनुभाग-4 -22 सितम्बर के तहत नियुक्ति किये जाने हेतु पुनः आदेशित किया जाय।
उप्र के सभी परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत रसोईयों का सेवा काल 65 वर्ष एवं सेवाकाल समाप्त होने पर 10 हजार रूपये मासिक पेंशन, 10 लाख ग्रेच्युटी निष्कासित कार्यरत रसोईयों के स्थान पर उनके ही परिवार के लोगों का नियमानुसार चयन किया जाय। उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत रसोईयों का 5 लाख का स्वास्थ्य बीमा, 14 आकस्मिक अवकाश, 90 दिन का मातृत्व अवकाश, न्याय पंचायत स्तर पर रसोईयों का स्थानान्तरण, नवीनीकरण के नाम पर रसोईयों को हटाना व मध्य शिक्षा सत्र में रोक लगाया जाय।
उत्तर प्रदेश के समस्त सम्मानित कार्यरत रसोईयों का 4 माह से रूका हुआ मानदेय दिलवाने के साथ ही साथ आंगनबाड़ी केन्द्र के बच्चों को खाना बनाने वाली सभी रसोईयों का 1 वर्ष से बकाया धनराशि जोड़कर भुगतान कराये जाने का आदेश निर्गत किया जाय। प्रदेश के रसोईयों के भोजन बनाने वाले रसोईयों का 2 अक्टूबर तक भुगतान नहीं किया जाता है तो 5 अक्टूबर को बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह से भेंट कर सभी प्रकरण को विस्तार से प्रस्तुत किया जायेगा।
धरना-प्रदर्शन में मुख्य रूप से घनशु प्रसाद, लालती, ज्ञानती देवी, फुलवन्ती देवी, कबुतरी देवी, अनिता देवी, सुनिता, कौशिल्या, भगवानदास सहित सैकड़ों रसोईया उपस्थित रहे।







