जितेंद्र अग्रहरी
दुद्धी (सोनभद्र) । मासूमियत की उम्र में जिंदगी और मौत के बीच झूल रहीं दो बहनें। दुद्धी के सिद्धवादामर गांव में बुधवार को एक मार्मिक हादसा हुआ, जहां दो छोटी बहनों ने मक्खी मारने की दवा को टॉफी समझकर खा लिया। घटना के बाद से 3 साल की सीमा और 2 साल की पूजा की जिंदगी खतरे में है।
खेल-खेल में हो गई जानलेवा गलती
घटना तब हुई जब दोनों बच्चियां अपने घर के बाहर खेल रही थीं। पिता राम स्वार्थ दिल्ली में मजदूरी करते हैं, मां खेत में काम पर थीं और दादा सोमारू खेत जोत रहे थे। बच्चियां खेलते-खेलते पड़ोस में रहने वाले अपने बड़े पापा देव कुमार के घर चली गईं। घर का दरवाजा खुला था और फर्श पर मक्खी मारने की जहरीली दवा पड़ी थी। बच्चियों ने उसे किसी मीठी चीज समझकर खा लिया।

जब परिजनों ने देखा तो बच्चियां अचेत
कुछ देर बाद जब परिवार वाले घर लौटे, तो दोनों बच्चियों को जमीन पर अचेत पड़ा पाया। उनके मुंह से झाग निकल रहा था और पास में कीटनाशक दवा का खाली पैकेट पड़ा था। घर वालों ने तुरंत 108 एंबुलेंस को बुलाया और बच्चियों को दुद्धी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
“मेरा बेटा दिल्ली में है, उसे कैसे बताऊं?” दादा का सिसकते हुए बयान
बच्चियों के दादा सोमारू का दर्द देखने लायक था। आंसुओं से भरी आंखों से वह बोले, *“मेरा बेटा दिल्ली में मजदूरी करता है। उसे कैसे बताऊं कि उसकी बेटियां अस्पताल में हैं? मैं उसकी जगह यहां हूं, लेकिन बच्चियों को कुछ हो गया तो मैं जिंदा नहीं रह पाऊंगा।”*
“मेरी बेटियां मुझे छोड़कर न जाएं!” मां
बच्चियों की मां ने जब अस्पताल में उन्हें बुरी हालत में देखा, तो वह चीखते हुए रो पड़ीं। भगवान, मेरी बच्चियों को बचा लो! मैं इनके बिना नहीं रह सकती, यह कहते हुए वह बेहोश हो गईं। मौके पर मौजूद महिलाओं ने उन्हें संभाला।
जिला अस्पताल में जारी है जान बचाने की जंग
मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. आर. के. सिंह ने बताया कि दोनों बच्चियों की हालत गंभीर है, लेकिन डॉक्टरों की टीम उन्हें बचाने की पूरी कोशिश कर रही है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और घर में बच्चों की पहुंच से दवाइयों को दूर रखने की हिदायत दी है।
समाज के लिए एक सबक
यह दुर्घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि छोटे बच्चों की निगरानी में किसी भी प्रकार की लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि घर में कीटनाशक दवाओं, दवाइयों और नुकीली चीजों को बच्चों की पहुंच से दूर रखना चाहिए।







