अमित मिश्रा
सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार जनजातीय समुदाय की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कर रही है। प्रदेश की सभी जनजातियों को शासन की सभी योजनाओं से पूरी तरह आच्छादित करने के लिए कार्य किया जा रहा है। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के 517 गांवों में बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ उनके समग्र विकास के लिए डबल इंजन की सरकार कार्य कर रही है। उक्त बाते मुख्य योगी आदित्यनाथ ने जनजातीय गौरव दिवस के मौके पर चोपन में आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा।
जनसभा को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि धरती आबा भगवान बिरसा मुण्डा जैसे राष्ट्रनायकों के प्रति हमारी श्रद्धा और हमारा सम्मान का भाव भी उतना ही मजबूत है। सोनभद्र में आज भी पर्यटन की दृष्टि से शिवद्वार, पंचमुखी महादेव, कंडाकोट महादेव, ज्वालामुखी शक्तिपीठ मौजूद है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कारण हम लोगों को जनजातीय गौरव दिवस के साथ जुड़ने का अवसर प्राप्त हो रहा है। जनजातीय समुदाय को 23 हजार से अधिक पट्टे किये गये स्वीकृत, भूमि का मिला मालिकाना अधिकार, किसी भी उत्पीड़न से मुक्त होंगें।
इस दौरान सोनभद्र के सर्वांगीण विकास के लिए मुख्यमंत्री ने 548 करोड़ की 432 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया। वही सोनभद्र के पर्यटन पर आधारित पुस्तिका का मुख्यमंत्री ने विमोचन किया।
प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को जनजातीय गौरव दिवस पर जनपद के चोपन में रेल कर्मचारी इण्टर मीडिएट कालेज में आगमन हुआ। इस दौरान जनपद के जनप्रतिनिधिगण व अधिकारीगण ने मुख्यमंत्री को पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने हेलिपैड से प्रस्थान कर रेलवे खेल मैदान में पहुंचे, जहां पर मुख्यमंत्री ने जनजातीय गौरव दिवस पर आधारित लगायी गयी विभिन्न विभागों द्वारा प्रदर्शनियों का अवलोकन किया।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने जनजातीय विभाग द्वारा लगायी गयी प्रदर्शनी में मांदर को देखा और अपने हाथ से थाप लगा कर बजाये भी, इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने बाल विकास पुष्टाहार द्वारा लगायी गयी प्रदर्शनी को देखे और अन्नप्राशन की रस्म अदायगी भी किये इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने मिशन शक्ति अभियान के अन्तर्गत पुलिस विभाग सोनभद्र को प्राप्त 25 स्कूटी को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। इसके पश्चात मुख्यमंत्री का आगमन रेलवे खेल मैदान के मंच पर हुआ जहॉ पर मुख्यमंत्री ने भगचान बिरसा मुण्डा की प्रतिमा पर माल्यार्पण और पुष्प अर्पित किये।
इस दौरान अरूणांचल प्रदेश के जनजातीय समूहों द्वारा स्वागत नृत्य एवं याक नृत्य, मध्य प्रदेश के जनजातीय समूहों द्वारा जनजाति नृत्य तथा जनपद सोनभद्र के जनजातीय समूहों द्वारा करमा नृत्य की प्रस्तुति मा0 मुख्यमंत्री जी के समक्ष की गयी। इस दौरान मा0 मुख्यमंत्री जी ने सोनभद्र के पर्यटन पर आधारित वीडियो क्लीप व जनजातीय समुदाय के उत्थान हेतु किये जा रहे विकास कार्यों की प्रस्तुति वीडियो क्लीप को देखें। इसके पश्चात मा0 मुख्यमंत्री जी ने जनपद सोनभद्र के सर्वांगीण विकास को समर्पित 548 करोड़ की लागत से 432 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास डिजिटल बटन दबाकर किये, इस दौरान मा0 मुख्यमंत्री जी ने जनजातीय समुदाय के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित भी किये, इस दौरान मा0 मुख्यमंत्री जी ने वनाधिकार पट्टा के लाभार्थियों को खतौनी का वितरण भी किये, इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री आवास के लाभार्थियों को स्वीकृति प्रमाण-पत्र का वितरण किये।
मुख्यमंत्री द्वारा जनपद के पर्यटन पर आधारित पुस्तिका का भी विमोचन किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री द्वारा विन्ध्यवासिनी विश्वविद्यालय की कुलपति द्वारा भगवान बिरसा मुण्डा पर तैयार की गयी पुस्तिका का भी विमोचन किया गया, इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि मातृभूमि के मान और महिमा के लिए अपना सर्वस्व अर्पित करने वाले धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की जयंती जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर उन्हें कोटि-कोटि नमन है। उनकी हर पुकार में स्वतंत्रता की गूंज, हर कदम में स्वाभिमान की ज्वाला थी। उन्होंने जंगलों को जागरण, जनों को जननी के प्रति समर्पण की नई परिभाषा दी, मातृभूमि और जल-जंगल-जमीन की रक्षा हेतु सर्वस्व अर्पण करने वाले महान क्रांतिवीर धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा का संघर्ष केवल विदेशी शासन के विरुद्ध नहीं था, बल्कि अन्याय, शोषण और सामाजिक विभाजन के विरुद्ध भी था।
धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा जी की जयंती के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में मैं आप सभी राष्ट्रभक्तों को हृदय से बधाई देता हूं। आप सभी के प्रति मंगलमय शुभकामनाएं भी व्यक्त करता हूं, उत्तर प्रदेश और बिहार सांझी संस्कृति के पर्याय हैं, प्रभु श्रीराम और माता जानकी का पवित्र संबंध जितना अटूट है, उतना ही उत्तर प्रदेश और बिहार का संबंध भी अटूट और मजबूत है। आज से 125 वर्ष पहले कैसी स्थिति रही होगी, साधन और संसाधन नहीं रहे होंगे, कोई सुविधा नहीं रही होगी, लेकिन तब भी हमारे जनजातीय समुदाय ने देश की मुख्यधारा के साथ जुड़कर भारत की स्वाधीनता के लिए आंदोलन में अपना सहयोग किया।
आज इन्हीं जनजातीय समुदाय के परिजनों को सम्मानित करने का सुखद अवसर प्राप्त हुआ है, अंग्रेजों ने बिरसा मुण्डा को मात्र 25 वर्ष की आयु में रांची की जेल में कैद कर लिया, जहां उनकी दुखद मृत्यु हो गई। उस समय उनके द्वारा दिया गया नारा ‘अबुआ दिसुम, अबुआ राज’ लोगों के लिए एक प्रेरणा है। धरती आबा बिरसा मुण्डा ने विदेशी राज को इसके माध्यम से नकारने का कार्य किया। जनजातियों के लिए भगवान बिरसा मुण्डा की मांग के समक्ष ब्रिटिश सरकार को झुकना पड़ा तथा जनजातीय समाज को उनका अधिकार देने के लिए मजबूर होना पड़ा। मुख्यमंत्री ने धरती आबा भगवान बिरसा मुण्डा की 150वीं जयन्ती ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के अवसर पर जनपद में आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कारण हम लोगों को जनजातीय गौरव दिवस के साथ जुड़ने का अवसर प्राप्त हो रहा है, हमारी सरकार ने निर्णय लिया कि वनाधिकार कानून में संशोधन के उपरांत पट्टा भी मिलना चाहिए, आज एक हजार से अधिक जनजातीय समुदाय के लोगों को उनके पट्टे की खतौनी उपलब्ध करायी जा रही है इससे पहले 23 हजार से अधिक ऐसे पट्टे स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिसमें जनजातीय समुदाय को उस भूमि का मालिकाना अधिकार मिल सके और वह किसी भी उत्पीड़न से मुक्त हो सके। उन्होंने कहा कि सोनभद्र में वन औषधियों का भंडार है, पर्यटन की दृष्टि से इसे विकसित करने के साथ ही यहां जनजातीय समुदाय के युवाओं को टूरिस्ट गाइड के रूप में प्रशिक्षण देने का कार्य भी किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार ने जनजातीय समुदाय को उसके अधिकार दिलाने का कार्य किया है। प्रदेश सरकार द्वारा जनजातीय गौरव के संरक्षण के लिए बलरामपुर के इमलिया कोडर में जनजातीय म्यूजियम और छात्रावास की स्थापना की है। शीघ्र ही मिर्जापुर मण्डल में भी म्यूजियम की स्थापना की जाएगी। इससे जनजातीय गौरव की धरोहर सभी के लिए एक प्रेरणा बनेगी। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में हमें जनजातीय गौरव दिवस के साथ जुड़ने का अवसर प्राप्त हुआ है। जनपद लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में 22 राज्यों की टीमों द्वारा प्रतिभाग किया गया, जिसमें अरुणाचल प्रदेश हमारा सहभागी राज्य रहा। हमारे जनजातीय समाज ने विरासत के साथ जुड़कर भारत की गौरव गाथा व परम्परा को आगे बढ़ने का कार्य किया है। सोनभद्र के सलखन फॉसिल्स पार्क में 140 करोड़ वर्ष पुराने जीवाश्म के अवशेष प्राप्त हुए हैं। इसके माध्यम से दुनिया के पर्यटकों को आकर्षित किया जा सकता है। इसे यूनेस्को की विश्व धरोहर की सूची में सम्मिलित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आध्यात्मिक दृष्टि से जनपद में शिवद्वार, पंचमुखी महादेव, कंटाकोट महादेव, ज्वालामुखी शक्तिपीठ, मुखा फॉल व हाथी नाला आदि जैसे महत्वपूर्ण पर्यटक स्थल हैं। यहां पर बायो डायवर्सिटी पार्क इत्यादि हैं।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में पायी जाने वाली 15 जनजातियों में से 14 जनजाति सोनभद्र में मिलती हैं। देश में सबसे अधिक जनजातियां सोनभद्र जनपद में ही निवास करती हैं। इनकी कुल आबादी जनपद सोनभद्र में चार लाख से अधिक है। इन सभी जनजातियों का इतिहास मानवता के इतिहास के साथ जुड़ा हुआ है।
इस दौरान उन्होंने कहा कि जनपद के पर्यटन पर आधारित आज पुस्तिका का विमोचन हुआ है, जिला प्रशासन द्वारा यह बहुत ही सराहनीय कार्य किया गया है। इस दौरान मा0 मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना और अन्य योजनाओं से अच्छादित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सोनभद्र में एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय का निर्माण किया गया है, जिसमें 120 छात्र तथा 120 छात्राएं आधुनिक शिक्षा ग्रहण कर सकते हैं। अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों के लिए विकासखंड रॉबर्ट्सगंज में आश्रम पद्धति विद्यालय तथा विकासखंड नदवा में आश्रम पद्धति बालिका विद्यालय का निर्माण भी कराया जा रहा है। अनुसूचित जाति व जनजाति की छात्राओं हेतु एक राजकीय छात्रावास का भी निर्माण किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में जनपद में चार पंडित दीनदयाल उपाध्याय आश्रम पद्धति विद्यालय संचालित है, जहां आवासीय पठन-पाठन, निःशुल्क पुस्तक, पुस्तकालय, वस्त्र, स्मार्ट क्लासेस आदि की व्यवस्था के माध्यम से जनजातीय छात्र-छात्राओं को आधुनिक शिक्षा की दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है। जनपद सोनभद्र के सभी विकास खण्डो में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है। इनमें कक्षा 06 से कक्षा 12 तक छात्राएं एक ही परिसर में आवासीय सुविधा के साथ पठन-पाठन कर सकती हैं। अभ्युदय कोचिंग के माध्यम से जनजातीय छात्रों को नीट व आई0आई0टी0 जैसी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिरसा मुण्डा के संदेश के अनुरूप जनजातीय समाज को राष्ट्रप्रथम के भाव से जोड़ने के लिए सोनभद्र के जनजातीय युवाओं को टूरिस्ट गाइड के रूप में प्रशिक्षित किया गया है। सरकार द्वारा जनजातीय समाज के अनुभवी वैद्यों की विशेषज्ञता व उनकी जड़ी बूटी औषधीय को प्रचारित करने का कार्य किया जा रहा है। इससे उनको अतिरिक्त आमदनी प्राप्त हुई है।
इस कार्यक्रम को समाज कल्याण, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण व विधान परिषद सदस्य व प्रदेश अध्यक्ष भाजपा भूपेन्द्र सिंह चौधरी, समाज कल्याण राज्य मंत्री संजीव गोंड ने भी सम्बोधित किया।
इस अवसर पर स्टाम्प तथा न्यायालय शुल्क एवं पंजीयन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवीन्द्र जायसवाल ने धन्यवाद ज्ञापित किये, सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण व शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
जनजातीय गौरव दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम में मंच पर प्रदेश सरकार के समाज कल्याण मंत्री स्वतंत्र प्रभार असीम अरूण, रविन्द्र जायसवाल जिला प्रभारी मंत्री, स्वतंत्र प्रभार स्टाम्प एवं पंजीयन, संजीव कुमार गोंड़ राज्यमंत्री समाज कल्याण, भूपेन्द्र सिंह चौधरी विधान परिषद सदस्य, विनीत सिंह विधान परिषद सदस्य,राधिका पटेल जिला पंचायत अध्यक्ष, भूपेश चौबे सदर विधायक, जीत सिंह खरवार उपाध्याक्ष अनूसूचित जाति आयोग, अपर मुख्य सचिव समाज कल्याण विभाग एम बेंकटेश्वर लू, मंण्डालायुक्त राजेश प्रकाश, आईजी आरपी सिंह, जिलाधिकारी बीएन सिंह, पुलिस अधीक्षक आभिषेक वर्मा, मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, जिलाध्यक्ष भाजपा नन्दलाल गुप्ता, जिला प्रभारी भाजपा अनिल सिंह, पूर्व सांसद रामसकल, क्षेत्रा अध्यक्ष भाजपा दिलीप सिंह पटेल, एमएलसी व प्रदेश महामंत्री भाजपा सुबाश यदुवंशी, नागेश्वर गौड़ प्रदेश मंत्री अनुसूचित जनजाति, नरेन्द्र कुशवाहा पूर्व सांसद सहित सम्मानित जनप्रतिनिधिगण व अधिकारीगण उपस्थित रहें।







