भाजपा की नीतियों से उजड़ जाएगा व्यापार, सैकड़ो दुकान-मकान हो जायेंगे गायब : अविनाश कुशवाहा

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O- स्टेट हाईवे के नाम पर रॉबर्ट्सगंज पर पोलिटिकल वार!

O- पूर्व विधायक अविनाश कुशवाहा का बड़ा आरोप

O- बाईपास के नाम पर सपना, स्टेट हाईवे के नाम पर तबाही? रॉबर्ट्सगंज, रामगढ़ के व्यापारियों में आक्रोश, सियासत गरमाई

सोनभद्र (उत्तर प्रदेश)। कोरोना काल के दौरान जब पूरा देश घरों में बंद था, उसी समय रामगढ़–शाहगंज–घोरावल मार्ग को स्टेट हाईवे घोषित किए जाने का फैसला आज रॉबर्ट्सगंज और आसपास के व्यापारिक क्षेत्रों के लिए संकट का कारण बनता दिख रहा है। इस निर्णय के बाद से शाहगंज, रॉबर्ट्सगंज, रामगढ़ और खलियारी के व्यापारियों में गहरा असंतोष व्याप्त है, जो अब खुलकर राजनीतिक टकराव में बदलता नजर आ रहा है।

स्थानीय व्यापारियों का आरोप है कि स्टेट हाईवे की घोषणा के बाद जब उनके व्यवसाय के उजड़ने का खतरा सामने आया, तो रॉबर्ट्सगंज के व्यापारियों ने जोरदार विरोध शुरू किया। बढ़ते विरोध और संभावित वोट बैंक की नाराजगी को देखते हुए भाजपा ने नगर के बाहर से बाईपास निर्माण का आश्वासन दिया। हालांकि, व्यापारियों का कहना है कि यह आश्वासन केवल चुनावी लाभ तक सीमित रहा।

आरोप है कि विधानसभा और नगरपालिका चुनाव बीत जाने के बावजूद आज तक किसी भी बाईपास को न तो औपचारिक स्वीकृति मिली और न ही निर्माण की दिशा में ठोस कदम उठाए गए। उलटे, अलग–अलग समय पर तीन बार नए-नए रूट दिखाकर जनता को भ्रमित किया गया। इस बीच सत्ता से जुड़े कुछ लोगों ने कथित तौर पर बाईपास के नाम पर प्लॉटिंग कर जमीनें बेचीं, जिससे आम व्यापारी खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।

अब हाल ही में यह जानकारी सामने आने के बाद कि बाईपास को स्वीकृति नहीं मिली, और इसके बजाय रॉबर्ट्सगंज से शाहगंज होते हुए कलवारी तक स्टेट हाईवे के प्रथम चरण का टेंडर पास कर दिया गया है, व्यापारियों की चिंता और गुस्सा चरम पर पहुंच गया है। व्यापारिक संगठनों का कहना है कि यदि यह योजना लागू हुई, तो रॉबर्ट्सगंज में हजारों मकान और दुकानें हमेशा के लिए गायब हो सकती हैं

सबसे बड़ी चिंता यह है कि बड़ी संख्या में भवन और दुकानें नजूल भूमि पर होने के कारण सैकड़ों परिवारों को मुआवजा भी नहीं मिल पाएगा। व्यापारियों का आरोप है कि इस पूरे घटनाक्रम के लिए जिम्मेदार केवल भाजपा है, जो व्यापारियों को केवल वोट बैंक के रूप में देखती रही है।

इस मुद्दे पर अब राजनीतिक संघर्ष भी तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव अविनाश कुशवाहा ने बयान जारी कर कहा है कि पार्टी व्यापारियों की इस लड़ाई को सड़क से सदन तक मजबूती से लड़ेगी और किसी भी कीमत पर रॉबर्ट्सगंज के व्यापारिक अस्तित्व को समाप्त नहीं होने देगी।

फिलहाल, स्टेट हाईवे परियोजना को लेकर असमंजस, आशंकाएं और राजनीतिक बयानबाज़ी तेज़ हो चुकी है। अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि क्या सरकार व्यापारियों की चिंताओं का समाधान करेगी या यह मामला आने वाले दिनों में बड़े जनआंदोलन का रूप लेगा।

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