भाजपा कार्यकर्ताओ ने पौधरोपण कर मनाया डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदन दिवस

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अमित मिश्रा

सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। अखण्ड भारत के प्रणेता जनसंघ के संस्थापक डा0 श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर भाजपा कार्यकर्ताओ ने सोनभद्र नगर  स्थित शिवाजी मिनी स्टेडियम बूथ संख्या 28 पर पौधरोपण करते हुए उनके व्यक्तित्व एवं कृतिव पर गोष्ठी का आयोजन किया गया।

इस दौरान पूर्व जिला अध्यक्ष डॉ धर्मवीर तिवारी ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी एक बहुआयामी व्यक्तित्व के स्वामी ही नहीं, एक महान शिक्षाविद्, देशभक्त, राजनेता, सांसद, अदम्य साहस के धनी और सहृदय और मानवतावादी थे। भारत के राष्ट्रवादी महापुरूष डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचारों में संपूर्ण भारत दिखता था, वे सम्पूर्ण भारत को एक रूप मानते थे।

डॉ. मुखर्जी इस धारणा के प्रबल समर्थक थे कि सांस्कृतिक दृष्टि से हम सब एक हैं इसलिए धर्म के आधार पर वे विभाजन के कट्टर विरोधी थे। उनका कहना था कि हम सब एक ही रक्त के हैं, एक ही भाषा, एक ही संस्कृति और एक ही हमारी विरासत है। परन्तु उनके इन विचारों को अन्य राजनैतिक दल के तत्कालीन नेताओं ने अन्यथा रूप से प्रचारित-प्रसारित किया। इसके बावजूद लोगों के दिलों में उनके प्रति अथाह प्यार और समर्थन बढ़ता गया।


डॉ तिवारी ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने अल्प आयु में ही बहुत बड़ी राजनैतिक ऊँचाइयों को पा लिया था। उन्होंने अपनी दृढ़ संकल्पशक्ति के साथ भारत के विभाजन की पूर्व स्थितियों का डटकर सामना किया। देशभर में विप्लव, दंगा-फंसाद, साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के लिए भाषाई, दलीय आधार पर बलवे की घटनाओं से पूरा देश आक्रान्त था। उधर इन विषम परिस्थितियों में भी डटकर, सीना तानकर ‘एकला चलो’ के सिद्धान्त का पालन करते हुए डॉ मुखर्जी अखण्ड राष्ट्रवाद का पावन नारा लेकर महासमर में संघर्ष करते रहे। अगस्त, 1946 में मुस्लिम लीग ने जंग की राह पकड़ ली और कलकत्ता में भयंकर बर्बरतापूर्वक अमानवीय मारकाट की गई।

इस गोष्ठी में श्याम उमर, दिशांत द्विवेदी , धर्मवीर त्यागी, योगेश सिंह, सत्यम सोनी, माखन चौरसिया, अभय ,रवि ,संदीप आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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