विस्थापन को लेकर त्रिपक्षीय बैठक सम्पन्न, प्लॉट के मुआवजे पर बनी सहमति

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मनीष चौधरी

मोरवा विस्थापन को लेकर त्रिपक्षीय बैठक सम्पन्न, प्लॉट के बदले 18 लाख पर बनी सहमति


सिंगरौली (मध्यप्रदेश) । मंगलवार शाम मोरवा विस्थापन को लेकर कलेक्ट्रेट सभागार में विभिन्न विस्थापन मंचों समेत जिला प्रशासन और एनसीएल प्रबंधन की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर चंद्रशेखर शुक्ला की अध्यक्षता और एनसीएल सीएमडी बी साईराम की उपस्थिति में प्लॉट के बदले नगद भुगतान पर चर्चा की गई। विभिन्न मंचों से मिली जानकारी के अनुसार प्लॉट के बदले 25 लाख रुपए की मांग पर बहस करते हुए करीब 1 घंटे बाद 18 लाख रुपए पर सभी सहमत हुए। जिसके बाद सीएमडी द्वारा कलेक्ट्रेट सभागार में इसकी औपचारिक घोषणा कर दी। गौरतलब है कि 25 लाख की मांग विभिन्न विस्थापन मंचों द्वारा की जा रही थी। इस दौरान एनसीएल से निदेशक कार्मिक मनीष कुमार, महाप्रबंधक, सिंगरौली पुनर्स्थापन सेल निरंजन सिन्हा व एनसीएल के अन्य पदाधिकारी, जिला प्रशासन के अधिकारी, सिंगरौली पुनर्स्थापन मंच, सिंगरौली विस्थापन मंच, विस्थापन जनसमिति और ऊर्जांचल विस्थापन समिति व अन्य परियोजना प्रभावित परिवारों के प्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।

बैठक में आज मोरवा भू -अर्जन से संबंधित केवल एक ही मुद्दे पर चर्चा हुई। मिली जानकारी अनुसार हर बैठक में एक मुद्दे को सुलझाया जाएगा। हालांकि बैठक में एनसीएल द्वारा सिंगरौली पुनर्स्थापन के लिए किए जा रहे कार्यों का विवरण प्रस्तुत किया।

कई मामलों पर अभी भी फ़सा है पेंच
आज हुई बैठक के बाद सिंगरौली विस्थापन मंच के सदस्य प्रदीप गुप्ता ने बताया कि प्लॉट के बदले 18 लाख पर सहमति बन गई है। इसके बाद जमीन का मुद्दा ही खत्म हो गया। अतः अब कोई पुनर्वास स्थल नहीं बनेगा। इसके विपरीत सिंगरौली पुनर्स्थापन मंच के प्रवक्ता राजेश सिंह ने बताया की हर बैठक में एक मुद्दे पर चर्चा होनी थी। जिसके तहत करीब एक घंटे की चर्चा के उपरांत प्लॉट के एवज में 18 लाख पर सभी की सहमति बनी है। आगामी समय में पुनर्वास स्थल पर भी चर्चा होगी, क्योंकि प्रावधान के अनुसार यदि व्यक्ति प्लॉट के बदले पैसा नहीं लेना चाहता है तो प्रबंधन को उसकी व्यवस्था करनी पड़ेगी। फिलहाल एनसीएल प्रबंधन भलूगढ़ में इसकी संभावनाएं तलाश रहा है। इससे पूर्व में भी यह कहा गया था कि 40*60 का प्लॉट पट्टे धारकों को अलॉट किया जाएगा और इस स्थल को विकसित कर कर दिया जाएगा। अर्थात इसमें स्कूल, बस स्टैंड, पार्क, मंदिर, मस्जिद समेत सारी सुविधाएं मौजूद होगी। जिला प्रशासन के समक्ष हो रही इस बैठक और बैठक के दौरान ही विभिन्न मंचों में हो रहा विरोधाभास से आम जनमानस पसो पेश में है।

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