विष्णु अग्रहरी
दुद्धी (सोनभद्र) । जिला बनाओ विकास कराओ की वर्षों पुरानी मांग को लेकर शनिवार को दुद्धी तहसील परिसर एक बार फिर गूंज उठा। जिला बनाओ संघर्ष मोर्चा के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने कचहरी के मुख्य द्वार पर जोरदार प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की और न्यायिक कार्य से विरत रहकर सरकार के खिलाफ आक्रोश जताया।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि दुद्धी को जिला बनाए जाने की मांग पिछले दो दशकों से की जा रही है, लेकिन हर बार सरकारें सिर्फ आश्वासन देकर मुंह मोड़ लेती हैं। वरिष्ठ अधिवक्ता सत्यनारायण यादव, नंदलाल अग्रहरी और ममता मौर्य ने कहा कि चुनावी मंचों से दुद्धी को जिला बनाने का वादा तो किया गया, लेकिन सत्ता में आने के बाद बीजेपी सरकार ने इस मसले को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया।
अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि 2017 से लेकर 2025 तक सरकार ने जिला निर्माण के नाम पर सिर्फ छलावा किया है। उनका कहना था कि प्रदेश में ऐसे आठ जिले हैं जिनकी आबादी दुद्धी से भी कम है, बावजूद इसके मानकों का बहाना बनाकर दुद्धी को जिला नहीं बनाया जा रहा है।
प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने जिला बनाओ संघर्ष मोर्चा की नई कार्यकारिणी से उम्मीद जताते हुए आंदोलन को और तेज करने का संकल्प लिया। भारी संख्या में जुटे अधिवक्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने ‘दुद्धी को जिला बनाओ’, ‘विकास का हक दो’ जैसे नारों के साथ सरकार के प्रति नाराजगी जताई।







