नगर मे भगवान महावीर स्वामी जी की जयंती पर जैन समाज का भव्य निकला शोभायात्रा

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O हर्ष अग्रवाल ने बताया महावीर का अर्थ,
भगवान महावीर के आदर्शों पर चलने का दिया संदेश

सोनभद्र। मंगलवार को जैन समाज रावटसगंज के द्वारा भगवान महावीर स्वामी जी की जयंती का कार्यक्रम किया गया। कार्यक्रम में जैन साधना भवन से शोभायात्रा प्रारंभ होकर नगर के मुख्य मार्ग से होकर पुनः जैन साधना भवन पर समापन किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक उपेंद्र ने अपने वक्तव्य में कहा कि भगवान महावीर स्वामी के आदर्शों पर चलकर व्यक्ति अपने जीवन को संयमित एवं सुखमय बना सकता है। उन्होंने बताया कि संघ के प्रतिनिधि सभा की बैठक में भगवान महावीर स्वामी के ऊपर वर्ष भर आयोजन करने का कार्यक्रम तय किए गए हैं।
पूर्व विधायक अविनाश कुशवाहा ने अपने विचारों में रखा कि भगवान महावीर स्वामी संपूर्ण समाज के पथ प्रदर्शक है। उन्होंने अहिंसा और अपरिग्रह पर विशेष जोर दिया। समाज में फैली कुरितीयो को दूर करने के लिए भगवान महावीर के आदर्शों पर चलना ही आज के कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है।
हर्ष अग्रवाल ने अपने विचारों में रखा कि जो दूसरों पर विजय प्राप्त करें वह वीर, जो स्वयं पर विजय प्राप्त कर ले वही महावीर होता है। अपने इंद्रियों पर नियंत्रण करने वाले 12 वर्ष की तपस्या के उपरांत केवल्य ज्ञान प्राप्त कर भटके हुए समाज को पुनः जीवन जीने की शैली दी।
कार्यक्रम के अंत में जैन समाज के अध्यक्ष सुबोध जैन ने अपने वक्तव्य में कहा कि भगवान महावीर स्वामी केवल जैन समाज के नहीं बल्कि संपूर्ण समाज के पथ प्रदर्शक रहे हैं। भगवान महावीर स्वामी एक विचार थे, एक व्यक्तित्व थे। उन्होंने समाज को एक नई दिशा दी एवं पांच महाव्रतों के पालन के लिए प्रेरित किया।


कार्यक्रम में उपस्थित लोग
कार्यक्रम में वक्ता के रूप में पूर्व अध्यक्ष जितेंद्र सिंह, उद्योग व्यापार प्रतिनिधि सभा के जिला अध्यक्ष कौशल शर्मा, अविनाश शुक्ला आदि रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रशांत जैन ने किया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से रामेश्वर जैन, धर्मराज जैन, पवन जैन, संजय जैन, संदीप जैन, सोनू जैन, काजू जैन, विजय जैन, आनंद जैन, शंकर लाल जैन, जोगीराम जैन, परमेश जैन, मोना जैन, ऋतु जैन, अंजलि जैन, उषाजैन, प्रमोद गुप्ता, आनंद मिश्रा, महेश शुक्ला, नंदलाल शुक्ला, कीर्तन सिंह, दिनेश सिंह, परभरम सिंह आदि सैकड़ो की संख्या में धर्मावलंबी उपस्थित थे।

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