चंदौली जिले के नौगढ़ विकासखंड में बुधवार को चार गांवों में ग्राम्या संस्थान ने स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से स्वास्थ्य शिविर लगाए। इनमें कुल 450 किशोर-किशोरियों, युवतियों और अभिभावकों ने हिस्सा लिया और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी पाई।
शिविर लालतापुर, झुमरिया, अमदहा और बसौली गांवों में लगाए गए। ये ग्राम्या संस्थान के चिराग केंद्रों से जुड़े किशोर-किशोरियों के लिए थे।

चिकित्सकों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने किशोरावस्था में होने वाले शारीरिक और मानसिक बदलाव, पोषण, एनीमिया से बचाव, माहवारी के दौरान स्वच्छता, मानसिक स्वास्थ्य और यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य की जानकारी दी। उन्होंने संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए भी जागरूक किया।
किशोरियों के हीमोग्लोबिन, वजन, लंबाई और बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) की जांच की गई। एनीमिया से ग्रसित किशोरियों को आयरन की गोलियां दी गईं। उन्हें पौष्टिक और संतुलित आहार के महत्व के बारे में भी बताया गया।

स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को नजरअंदाज न करने की सलाह दी। ग्राम्या संस्थान की टीम ने बताया कि नौगढ़ जैसे आदिवासी बहुल और पिछड़े इलाके में किशोर-किशोरियों के बीच स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने के लिए संस्थान लगातार कार्यक्रम चला रहा है।
कार्यक्रम में आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ ग्राम्या संस्थान के नीतू, सुरेंद्र, श्रीराम, गणेश, राजेश, उमेश, जयप्रकाश, दिलीप, सुनीता, पूजा और चंद्रकला ने सहयोग किया। ग्रामीणों ने पहल की सराहना की और ऐसे शिविर नियमित रूप से लगाने की मांग की।









