वीरेन्द्र कुमार
विंढमगंज/सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। स्थानीय रेलवे स्टेशन पर एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की मांग पूरी नहीं होने से रेल रोको संघर्ष समिति ने आज स्टेशन अधीक्षक आलोक अकेला को ज्ञापन सौंपा ।
रेल रोको संघर्ष समिति के अध्यक्ष रमेश चंद्र एडवोकेट ने कहा कि रांची–चोपन एक्सप्रेस और स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस के ठहराव को लेकर लंबे समय से उठ रही मांग पर अब तक ठोस पहल नहीं होने से एक बार फिर आंदोलन की सुगबुगाहट तेज हो गई है। क्षेत्रवासियों ने रेलवे प्रशासन से शीघ्र निर्णय लेने की मांग करते हुए स्पष्ट किया है कि मांग की अनदेखी जारी रही तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने को बाध्य होंगे। झारखंड राज्य के गढ़वा जिला अनुसूचित, जनजाति के अध्यक्ष लक्ष्मण राम ने कहा कि
विंढमगंज रेलवे स्टेशन के आदिवासी एवं ग्रामीण अंचल के लिए आवागमन का प्रमुख साधन है। आसपास के गांवों से हजारों लोग शिक्षा, रोजगार, व्यापार और इलाज के लिए रेल यातायात पर निर्भर हैं। ऐसे में प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव नहीं होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। क्षेत्रवासियों ने रांची–चोपन एक्सप्रेस और स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस का ठहराव विंढमगंज में सुनिश्चित कराने की मांग की है।
क्षेत्रवासियों के मुताबिक, ट्रेनों के ठहराव की मांग को लेकर बीते 10 जनवरी 2024 को भारतीय इंटरमीडिएट कॉलेज के खेल मैदान में रेल रोको प्रदर्शन किया गया था। प्रदर्शन के दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष और रेलवे अधिकारियों की ओर से मांग पर आश्वासन दिया गया था। इसके बाद क्षेत्रवासी आश्वासन पर भरोसा जताते हुए शांत रहे और निर्णय की प्रतीक्षा करते रहे। हालांकि, मांग पूरी नहीं होने से अब लोगों में निराशा बढ़ रही है।
ओम प्रकाश रावत, अजय गुप्ता, ओपी यादव मनोहर कुशवाहा संतोष कुमार अनिल कुमार सुमन गुप्ता नंदकिशोर गुप्ता संजय गुप्ता संतोष प्रसाद दीपक गुप्ता सहित अन्य लोगों ने रेल प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है।
उन्होंने रेल मंत्री, पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य महाप्रबंधक, धनबाद मंडल के मंडल रेल प्रबंधक तथा रॉबर्ट्सगंज के सांसद से दोनों ट्रेनों का ठहराव सुनिश्चित कराने का आग्रह किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांग पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो क्षेत्र की जनता अपने हक के लिए पुनः रेल रोको आंदोलन का रास्ता अपनाने को बाध्य होगी।









