चागा, धनखोर, पकड़ी और गोइठा गांव के किसानों को मिला सरसों, चना, मसूर और मटर का उन्नत बीज
म्योरपुर / सोनभद्र। कृषि विज्ञान केंद्र, सोनभद्र की ओर से अनुसूचित जनजाति उप योजना एवं अनुसूचित जाति उप योजना के तहत जिले के चार गांवों के कुल 112 किसानों को सरसों, चना, मसूर और मटर के उन्नत किस्म के बीज वितरित किए गए। इस दौरान किसानों को वैज्ञानिक विधि से खेती करने और चना, मटर व सरसों की बुवाई लाइन विधि से करने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम के तहत म्योरपुर ब्लॉक के चागा गांव, बभनी ब्लॉक के धनखोर तथा दुद्धी ब्लॉक के पकड़ी और गोइठा गांव के किसानों को बीज उपलब्ध कराए गए। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. संजीव राव और इसरार अहमद अंसारी ने किसानों को उन्नत बीजों के उपयोग, बुवाई की सही विधि और फसलों की बेहतर देखभाल के बारे में जानकारी दी।
वैज्ञानिकों ने किसानों से चना, मटर और सरसों की बुवाई कतारों में करने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि लाइन विधि से बुवाई करने पर पौधों के बीच उचित दूरी बनी रहती है। इससे निराई-गुड़ाई, खरपतवार नियंत्रण और फसलों की देखभाल में सुविधा होती है। साथ ही उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग कर उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलती है।
किसानों को कृषि वैज्ञानिकों की सलाह के अनुसार उन्नत बीजों का उपयोग करने तथा वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाकर खेती की लागत कम करने और उपज बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया गया। मौके पर रमेश यादव, ग्राम प्रधान, राम प्यारे, कैलाश सहित किसान उपस्थित रहे।








