अवधूत भगवान राम पीजी कॉलेज में ‘अग्नि की उड़ान’ पर हुई चर्चा, तीन विभूतियों को मिला कलाम सेवा सम्मान
अनपरा, सोनभद्र। अवधूत भगवान राम पीजी कॉलेज अनपरा में भारत के पूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती पर शिक्षा शास्त्र संकाय के बीएड प्रथम सेमेस्टर के EPC-2 पाठ्यक्रम के तहत एक दिवसीय पठन, चिंतन एवं समालोचनात्मक संगोष्ठी का आयोजन सिंह शावक राम मेमोरियल हॉल में किया गया। विषय रही उनकी चर्चित पुस्तक ‘अग्नि की उड़ान’।
कार्यक्रम का शुभारंभ अवधूत भगवान राम, सिंह शावक राम एवं मां सरस्वती के चित्रों पर पुष्पार्चन व दीप प्रज्वलन तथा डॉ. कलाम के चित्र पर श्रद्धांजलि के साथ हुआ। संयोजक डॉ. सुभाष चौहान ने स्वागत भाषण दिया।
मुख्य अतिथि समाजसेविका दिव्या बागेश्वरी, अध्यक्षता अंतरराष्ट्रीय कवि कमलेश राजहंस और विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ पत्रकार अखिलेश भटनागर रहे। मुख्य वक्ता प्राचार्य डॉ. अजय विक्रम सिंह ने कहा कि ‘अग्नि की उड़ान’ Wings of Fire का हिंदी रूपांतरण है और डॉ. कलाम के जीवन में गीता और कुरान दोनों का विशेष स्थान था। उन्होंने अपनी पुस्तक ‘कलाम को सलाम’ की पंक्तियां भी सुनाईं।
अध्यक्ष कमलेश राजहंस ने कहा कि महापुरुषों का सम्मान करने वाला देश ही प्रगतिशील रहता है। वरिष्ठ पत्रकार अखिलेश भटनागर ने कहा कि डॉ. कलाम ने सिखाया कि असफलता से घबराना नहीं चाहिए, सपने वही जो लक्ष्य के लिए प्रेरित करें। मुख्य अतिथि दिव्या बागेश्वरी ने आश्रम के विद्यार्थियों को वस्त्र एवं स्टेशनरी वितरित कर शिक्षा और सेवा का संदेश दिया।
इस अवसर पर कमलेश राजहंस को ‘कलाम साहित्य सेवा सम्मान’, अखिलेश भटनागर को ‘कलाम पत्रकारिता सेवा सम्मान’ और दिव्या बागेश्वरी को ‘कलाम जन सेवा सम्मान’ दिया गया।
संचालन असिस्टेंट प्रोफेसर निहारिका सिंह और आभार डॉ. अनिल कुमार पांडेय ने किया। मौके पर डॉ. आलोक श्रीवास्तव, इंद्र बहादुर, नीलिमा जोशी, राजेश सिंह परिहार सहित सभी प्राध्यापक मौजूद रहे।









