O-राम-जानकी मंदिर और मां काली शक्ति पीठ में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, महाप्रसाद व भंडारे में भक्तों ने ग्रहण किया प्रसाद
संवाददाता – विरेन्द्र कुमार
विंढमगंज ( सोनभद्र) । शारदीय नवरात्र के तीसरे दिन मां दुर्गा के तृतीय स्वरूप मां चंद्रघंटा की पूजा-अर्चना के लिए विंढमगंज क्षेत्र के प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। दिगंबर अखाड़ा अयोध्या से संबद्ध श्री राम-जानकी मंदिर और मां काली शक्ति पीठ मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना और भव्य आरती का आयोजन किया गया।

इस दौरान माता रानी के जयकारों से मंदिर परिसर गुंजायमान हो उठा और पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। आरती के बाद महाप्रसाद वितरण और भंडारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
श्री राम-जानकी मंदिर में नंदलाल तिवारी और वेद मोहन दास ब्रह्मचारी सहित श्रद्धालुओं ने मां चंद्रघंटा की आरती कर सुख-समृद्धि एवं लोककल्याण की कामना की। आरती के उपरांत महाप्रसाद का वितरण किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। मंदिर में सुबह से ही दर्शन-पूजन के लिए भक्तों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा।

वहीं, मां काली शक्ति पीठ मंदिर में भी मां चंद्रघंटा की आरती श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ संपन्न हुई। मनोज तिवारी और राजू तिवारी सहित श्रद्धालुओं ने माता रानी की आराधना की। मंदिर के पुजारी पंडित मनोज तिवारी ने बताया कि मां काली शक्ति पीठ की स्थापना अंग्रेजों के शासनकाल में हुई थी। उन्होंने कहा कि मंदिर के प्रति श्रद्धालुओं की गहरी आस्था है। भक्त सच्चे मन से माता के दरबार में अपनी मनोकामनाएं लेकर पहुंचते हैं। इसी आस्था के चलते वर्ष में आयोजित होने वाले दोनों नवरात्रों में यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए आते हैं।
आरती के बाद मंदिर परिसर में भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और प्रसाद ग्रहण किया। नवरात्र के पावन अवसर पर दोनों मंदिरों में उमड़ी भीड़, गूंजते देवी जयकारे और सेवा-समर्पण का माहौल क्षेत्र की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपरा की झलक पेश करता नजर आया।









