भूमि और जनसांख्यिकी को लेकर किया सत्यापन
सोनभद्र। जिले के सुदूर ग्रामीण एवं सीमावर्ती क्षेत्रों में जनसांख्यिकीय बदलाव और भूमि संबंधी शिकायतों को लेकर विश्व हिंदू परिषद के धर्म प्रसार एवं प्रशासनिक विभाग की टीम ने तीन दिवसीय प्रवासीय कार्यक्रम के तहत स्थलीय भ्रमण किया।
टीम ने दुद्धी विधानसभा क्षेत्र में झारखंड सीमा से लगे मनबसा, आरंगपानी, किरबिल और लिलासी सहित विभिन्न गांवों में ग्रामीणों से संवाद किया। भूमि स्वामित्व, भूमि हस्तांतरण, बाहरी लोगों की गतिविधियों और सरकारी व ग्रामसभा भूमि के उपयोग को लेकर जानकारी जुटाई।
विहिप प्रतिनिधियों के अनुसार कुछ ग्रामीणों ने आदिवासी परिवारों की भूमि हस्तांतरण और गलत तरीके से कब्जे की आशंका जताई है। टीम का कहना है कि इनकी वास्तविक स्थिति राजस्व अभिलेखों और सक्षम प्रशासनिक जांच से तय होनी चाहिए।
भ्रमण के दौरान सरकारी, ग्रामसभा और परियोजना की भूमि पर धार्मिक स्थल, मस्जिद, चर्च, मदरसा और कब्रिस्तान निर्माण को लेकर भी शिकायतें मिलने की बात कही गई। विहिप का कहना है कि पूर्व में भी ऐसे मामले प्रशासन के समक्ष उठाए गए हैं और जिला प्रशासन द्वारा जांच की प्रक्रिया चल रही है।
दूसरे और तीसरे दिन टीम ने छत्तीसगढ़ सीमा से लगे आसनडीह, बभनी, नेमना और बीजपुर क्षेत्र का भ्रमण कर स्थानीय समस्याओं और सरकारी योजनाओं की स्थिति पर चर्चा की।
विहिप ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में भूमि संबंधी अनियमितता और अवैध कब्जे की शिकायतों की निष्पक्ष जांच हो और आदिवासी परिवारों के भूमि अधिकार सुरक्षित रहें। सर्वे का उद्देश्य तथ्यात्मक संकलन कर जानकारी प्रशासन के समक्ष रखना है।
कार्यक्रम में प्रांत प्रमुख नरसिंह त्रिपाठी, प्रांत प्रशासनिक प्रमुख हेमंत मिश्रा, जिला प्रमुख धर्म प्रसार दीपक सिन्हा, बीजपुर प्रखंड अध्यक्ष यशवंत सिंह और जिला मंत्री उपेंद्र प्रताप सिंह शामिल रहे।









