8 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्य सचिव को भेजा ज्ञापन, 22 से कार्य बहिष्कार की चेतावनी
सोनभद्र। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने अपनी लंबित एवं न्यायोचित मांगों को लेकर आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। प्रथम चरण में जिले में लेखपालों ने अतिरिक्त 25 हल्कों का चार्ज वापस कर दिया है। जिले में लगभग 131 ग्रामों के संपूर्ण राजस्व कार्यों का बहिष्कार कर दिया गया है। इस दौरान जिलाध्यक्ष अमित शुक्ल, जिला मंत्री चंद्रशेखर, राहुल कुमार, रवि, आदित्य, अजय विक्रम सिंह, गौरव, धीरज पटेल, अशोक जायसवाल, सूरज, राजा मान सिंह, भगत सिंह, शिव कुमार, सुशील वैश्य सहित बड़ी संख्या में लेखपाल उपस्थित रहे।
संघ ने मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन को उपजिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन भेजा है। ज्ञापन में कहा गया है कि लेखपाल राजस्व प्रशासन की आधारशिला होते हुए भी संसाधनों के अभाव, लक्षित पदोन्नति, वेतन विसंगति और अतिरिक्त कार्यभार जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। चुनाव, किसान ऋण माफी, जाति-निवास, वरासत, नामांतरण, पीएम-ई-गवर्नेस व कानून व्यवस्था जैसे सबसे अधिक कार्य लेखपालों पर ही हैं, फिर भी उनकी मांगे लंबित हैं।
संघ की प्रमुख 8 मांगें इस प्रकार हैं –
- अंतरमंडलीय स्थानांतरण: वर्ष 2019 में 650 लेखपालों का गृह मंडल स्थानांतरण हुआ था, 16 मई 2025 को पोर्टल खुला व 2668 आवेदन आए, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। 2700 लेखपाल गृह जनपद से 400-800 किमी दूर कार्यरत हैं।
- चयन वर्ष 2025-26 की पदोन्नति सूची जारी हो: डीपीसी 29 अप्रैल 2026 को पूर्ण होने के बाद भी सूची जारी नहीं हुई। 12 माह से लेखपालों में आक्रोश है।
- चयन वर्ष 2024 की विभागीय परीक्षा का परिणाम व प्रमाण पत्र जारी हो: 13 सितंबर 2025 को परीक्षा हुई, पर 12 माह बाद भी परिणाम नहीं आया, जिससे स्थायीकरण लंबित है।
- भत्तों में वृद्धि: स्टेशनरी भत्ता 100 से बढ़ाकर 500 व मोटरसाइकिल भत्ता 1500 प्रतिमाह किया जाए।
- भू-लेख व सहायक पटलों से संबंध समाप्त हो गैर जरूरी कार्य लेखपालों पर थोपे जा रहे हैं।
- ग्राम सचिवालय में बिना सुविधा बहिष्कार: ग्राम सचिवालयों में कंप्यूटर, इंटरनेट, बिजली-पंखा जैसी कोई सुविधा नहीं, फिर भी लेखपालों को बैठने को बाध्य किया जा रहा है।
- वेतनमान 2800 ग्रेड पे व वेतन विसंगति दूर हो।
- तकनीकी पद घोषित कर लैपटॉप व मोबाइल उपलब्ध कराया जाए।
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो 22 सितंबर 2026 से समस्त लेखपाल निजी निर्णय का पालन करते हुए अतिरिक्त हल्कों का बहिष्कार करेंगे और तहसील कार्यालय व राजस्व निरीक्षक कार्यालय में जमा कर देंगे, तथा ऑनलाइन कार्यों का भी बहिष्कार करेंगे।








