किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा का प्रदर्शन, एक सप्ताह में व्यवस्था नहीं सुधरी तो बड़ा आंदोलन
सोनभद्र। किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा ने मंगलवार को अधीक्षण अभियंता कार्यालय सोनभद्र पर बिजली कटौती को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया और विभाग को एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया। मोर्चा ने चेतावनी दी कि यदि रोस्टिंग के नाम पर ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाली अघोषित बिजली कटौती बंद नहीं हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
प्रदर्शन का नेतृत्व किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के संयोजक संदीप मिश्र ने किया। उन्होंने कहा कि यह सरकार पूरी तरह फेल है। ब्यूरोक्रेसी बेलगाम हो चुकी है और जनप्रतिनिधि जनता के मुद्दों पर मूक हैं। सरकार मूलभूत सुविधाएं देने में नाकाम है और जनता का उत्पीड़न चरम पर है।

संदीप मिश्र ने कहा कि सोनभद्र को उर्जांचल की राजधानी कहा जाता है। यहीं से निकलने वाली बिजली से लखनऊ और गोरखपुर में निर्बाध सप्लाई हो रही है, लेकिन स्थानीय लोग प्रदूषण की मार झेलकर भी अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। “दीपक तले अंधेरा” की कहावत बिजली विभाग ने चरितार्थ कर दी है। ग्रामीण क्षेत्रों में रोस्टिंग के नाम पर घंटों कटौती की जा रही है, जबकि शहरों में व्यवस्था सामान्य है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जनप्रतिनिधि अब जन प्रतिनिधि न रहकर दल प्रतिनिधि बन गए हैं। उन्हें आम जनता की पीड़ा से कोई सरोकार नहीं है।
मोर्चा ने मांग की कि ग्रामीण क्षेत्रों में तत्काल निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, कटौती का शेड्यूल सार्वजनिक किया जाए और मनमानी रोस्टिंग पर रोक लगे।
प्रदर्शन में आकाश चौहान, सत्रुधन बिंद, संजय बियार, भोलू गुप्ता, विजय चौहान, दिनेश चेरो, बिंदू खरवार, विनय पासवान, सुमंत बिंद, हरिवंत बियार, रोहित मौर्या, अजय पटेल सहित सैकड़ों नौजवान शामिल रहे।








