सीएस पाण्डेय
आरक्षण व्यवस्था में सुधार और यूजीसी कानून वापस लेने की मांग, चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी
बभनी/सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। यूजीसी कानून वापस लेने और आरक्षण व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर शनिवार को श्री हरिशंकर मंदिर असनहर के प्रांगण में सवर्ण समाज का सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में क्षेत्र के विभिन्न गांवों से सैकड़ों की संख्या में लोग पहुंचे। वक्ताओं ने यूजीसी कानून और मौजूदा आरक्षण व्यवस्था को लेकर अपनी चिंताएं और विचार व्यक्त किए।
इस सम्मेलन को संबोधित करते हुए सवर्ण समाज के जिलाध्यक्ष अशोक कुमार दुबे ने कहा कि यूजीसी कानून युवाओं के हित में नहीं है। उन्होंने इसे वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि इससे युवाओं के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने आरक्षण व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता जताते हुए कहा कि आरक्षण का आधार आर्थिक होना चाहिए, ताकि जरूरतमंद और गरीब परिवारों को इसका वास्तविक लाभ मिल सके।
उन्होंने कहा कि संपन्न परिवारों को भी आरक्षण का लाभ मिलने से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को अपेक्षित अवसर नहीं मिल पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सवर्ण समाज अपनी मांगों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करेगा। जरूरत पड़ने पर चरणबद्ध आंदोलन चलाकर सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाई जाएगी।
वही सम्मेलन में रामदेव तिवारी, युगल किशोर चतुर्वेदी, सोना बच्चा अग्रहरि, अमरकेश सिंह और शिवकुमार सिंह समेत अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे। वक्ताओं ने समाज के लोगों से एकजुट होकर अपनी मांगों को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से उठाने का आह्वान किया।
इस दौरान कामेश्वर प्रसाद तिवारी, चंद्रदेव पांडेय, विष्णु कांत दुबे, अगस्त मुनि तिवारी, प्रमोद कुमार दुबे, राजेश्वर सिंह, रामप्रकाश पांडेय, नंदलाल पांडेय, राकेश कुमार सिंह, सुजित दुबे, उत्कर्ष द्विवेदी, सत्यनारायण तिवारी सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन अमरदेव पांडेय ने किया।






