नौगढ़ (चंदौली)। मानसून के आगमन के साथ ही चंद्रप्रभा वन्य जीव अभयारण्य स्थित राजदरी जलप्रपात पर सैलानियों की आवाजाही तेजी से बढ़ गई है। जिले के अलावा वाराणसी, मिर्जापुर और आसपास के जनपदों से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने पहुंच रहे हैं। झरने की मनमोहक छटा पर्यटकों को आकर्षित कर रही है, लेकिन बुनियादी सुविधाओं के अभाव के कारण उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

पर्यटकों का कहना है कि राजदरी जलप्रपात परिसर में कैंटीन और खाने-पीने की समुचित व्यवस्था नहीं है। परिवार के साथ आने वाले लोगों को भोजन और नाश्ते के लिए काफी दिक्कत होती है। वाराणसी से आए पर्यटक अंश सरकार ने बताया कि राजदरी का प्राकृतिक सौंदर्य बेहद आकर्षक है, लेकिन यहां भोजन की सुविधा नहीं होने से पर्यटकों को परेशानी उठानी पड़ती है।

सैलानियों ने बताया कि चंद्रप्रभा झील तक जाने वाली सड़क लगातार बारिश के कारण जगह-जगह खराब और फिसलन भरी हो गई है। ऐसे में दोपहिया वाहन अक्सर अनियंत्रित होकर गिर जाते हैं, जिससे दुर्घटनाएं होती रहती हैं। सबसे बड़ी समस्या यह है कि दुर्घटना में घायल होने पर मौके पर प्राथमिक उपचार की कोई व्यवस्था उपलब्ध नहीं है। पर्यटकों का आरोप है कि वन विभाग के कर्मचारियों से मलहम-पट्टी की मांग करने पर उन्हें करीब 20 किलोमीटर दूर चकिया जाकर इलाज कराने की सलाह दी जाती है। उनका कहना है कि कम से कम चंद्रप्रभा झील और प्रवेश द्वार पर प्राथमिक उपचार किट, मलहम-पट्टी और दर्द निवारक दवाओं की व्यवस्था अवश्य होनी चाहिए।

स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष बारिश के मौसम में हजारों पर्यटक राजदरी पहुंचते हैं, लेकिन अब तक कैंटीन, बैठने की पर्याप्त व्यवस्था और प्राथमिक उपचार केंद्र जैसी आवश्यक सुविधाएं विकसित नहीं हो सकी हैं।
वन क्षेत्राधिकारी अखिलेश दुबे ने बताया कि कैंटीन संचालन के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी की जा रही है और जल्द ही यह सुविधा सैलानियों को उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था पहले से मौजूद है। वहीं, लगातार हो रही बारिश के चलते राजदरी जलप्रपात पर पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में सैलानियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग भी तेज हो गई है।






