प्रसव में लापरवाही से जच्चा-बच्चा की मौत, आक्रोशित परिजनों का प्रदर्शन, डीएम को सौंपा ज्ञापन

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जड़ेरूआ केंद्र से केकराही के निजी अस्पताल भेजा, ऑपरेशन के बाद दोनों की मौत, डॉक्टरों ने किया अभद्र व्यवहार, का आरोप

सोनभद्र। प्रसव के दौरान कथित चिकित्सीय लापरवाही से जच्चा-बच्चा की मौत का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को परिजनों ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। करमा थाना क्षेत्र के पूरखास गांव निवासी रामजी पुत्र स्व. राधेश्याम ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
रामजी ने शिकायती पत्र में बताया कि गर्भवती पत्नी संतोषी कुमारी को प्रसव के लिए जड़ेरूआ सरकारी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया था। ड्यूटी पर तैनात नर्स ने उन्हें केकराही स्थित एक निजी अस्पताल भेज दिया। अस्पताल की एंबुलेंस से निजी अस्पताल पहुंचने पर पत्नी का ऑपरेशन हुआ। ऑपरेशन के बाद जच्चा और नवजात की हालत बिगड़ गई और 18 जून को दोनों की मौत हो गई। रामजी का आरोप है कि घटना की जानकारी मांगने पर चिकित्सकों ने अभद्र व्यवहार किया।
परिजनों और ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर मृतका के परिजनों को न्याय दिलाने और भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। प्रशासन ने जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया।

डीएम के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की छापेमारी, बिना डॉक्टर के चल रहा था उपकार हॉस्पिटल

जिलाधिकारी के निर्देश पर 19 जून को सीएमओ के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग ने करमा क्षेत्र के निजी अस्पतालों पर छापा मारा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र केकराही के अधीक्षक डॉ. गुरु प्रसाद ने केकराही स्थित उपकार हॉस्पिटल का निरीक्षण किया। निरीक्षण में एक भी चिकित्सक नहीं मिला, जबकि 3 मरीज भर्ती थे और केवल एक एनएम उपस्थित थी। डॉ. गुरु प्रसाद ने कहा कि बिना योग्य डॉक्टर के निजी अस्पताल चल रहे हैं। गड़बड़ी पाए गए अस्पतालों के विरुद्ध कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

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