नवीन कुमार
O- झारखंड से जुड़े तस्कर कोन क्षेत्र में दबोचे गए, पुलिस की घेराबंदी में खुला बड़ा नेटवर्क
कोन (सोनभद्र) । जनपद सोनभद्र में अपराध एवं गौतस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कोन पुलिस को गुरुवार रात बड़ी सफलता हाथ लगी। थाना क्षेत्र के ग्राम ससनई में पुलिस ने घेराबंदी कर 15 गोवंशों के साथ चार अंतर्राज्यीय गौतस्करों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार पकड़े गए तस्कर गोवंशों को क्रूरता पूर्वक पैदल हांककर ले जा रहे थे। बरामद गोवंशों में 9 बैल, 3 गाय, 2 बछिया और 1 बछड़ा शामिल हैं। सभी गोवंशों को नियमानुसार सुरक्षित सुपुर्दगी में दे दिया गया है।
मुखबिर की सूचना पर हुई बड़ी कार्रवाई
थाना प्रभारी संजीव कुमार सिंह ने बताया कि गुरुवार रात करीब 9 बजे पुलिस टीम क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ लोग गोवंशों को लेकर जा रहे हैं। सूचना मिलते ही ग्राम ससनई में घेराबंदी की गई और मौके से चार आरोपितों को दबोच लिया गया।
झारखंड के रहने वाले हैं सभी आरोपी
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान इस प्रकार हुई-
- बबलू चौधरी पुत्र विश्नु चौधरी, निवासी हासनदाग, थाना मेराल, जनपद गढ़वा (झारखंड)
- रामलाल चौधरी पुत्र कामेश्वर चौधरी, निवासी हरादाग कला, थाना रमना, जनपद गढ़वा (झारखंड)
- विश्नु चौधरी पुत्र भंगी चौधरी, निवासी हासनदाग, थाना मेराल, जनपद गढ़वा (झारखंड)
- धुरमल चौधरी पुत्र स्व. सहदेव चौधरी, निवासी हरादाग कला, थाना रमना, जनपद गढ़वा (झारखंड)
गोवध निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज
पुलिस ने सभी आरोपितों के खिलाफ संबंधित धाराओं एवं गोवध निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर न्यायालय भेज दिया है।
इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका
इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक संजीव कुमार सिंह के साथ—
उपनिरीक्षक शिवप्रकाश यादव,
उपनिरीक्षक बृजनाथ यादव,
उपनिरीक्षक वीरेंद्र राय,
राजेश यादव,
विपिन जायसवाल,
सूरज कुमार एवं राजेश कुमार शामिल रहे।
सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय है तस्करी नेटवर्क?
लगातार हो रही गिरफ्तारियों के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या उत्तर प्रदेश-झारखंड सीमा पर गौतस्करी का बड़ा नेटवर्क सक्रिय है? पुलिस अब पकड़े गए आरोपितों से पूछताछ कर पूरे गिरोह की जानकारी जुटाने में लगी है।






