पटवध पेयजल योजना में देरी पर सदर विधायक भूपेश चौबे सख्त

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O बोले- दिसंबर 2026 तक काम नहीं हुआ तो कंपनी को बना देंगे ‘कंपना’

O लापरवाह अधिकारियों को कड़ी धूप में खड़ा कर मांगा जवाब, कहा- ‘बोकला’ भी छोड़ादेंगे

सोनभद्र। जल जीवन मिशन के तहत देश की पहली बड़ी परियोजना मानी गई पटवध पेयजल समूह योजना की धीमी रफ्तार पर रॉबर्ट्सगंज विधायक भूपेश चौबे का गुस्सा फूट पड़ा। शुक्रवार को निरीक्षण पर पहुंचे विधायक ने लापरवाह अधिकारियों को कड़ी धूप में खड़ा कर जवाब-तलब किया और चेतावनी दी कि दिसंबर 2026 तक 650 गांवों में पानी नहीं पहुंचा तो कार्यदाई कंपनी को ‘कंपना’ बना दिया जाएगा।
विधायक ने कहा कि जो अधिकारी योजना में लापरवाही करेंगे उनका ‘बोकला’ छोड़ दिया जाएगा। यह सिर्फ निरीक्षण नहीं, संदेश था कि जनता की प्यास एसी ऑफिस में बैठकर नहीं समझी जा सकती। अधिकारियों को पसीने छूटते नजर आए।
गौरतलब है कि 22 नवंबर 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस योजना का वर्चुअल शिलान्यास किया था। मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत मौजूद रहे थे। इसे देश की पहली ऐसी परियोजना बताया गया था।
650 गांवों तक हर घर नल से जल पहुंचाने के लक्ष्य के सापेक्ष अब तक महज 29 गांवों में ही आपूर्ति हो सकी है। सेंचुरी एरिया से एनओसी में देरी और काम की धीमी रफ्तार ने योजना की साख पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फिलहाल अधिकारी दिसंबर 2026 तक हर गांव तक पानी पहुंचाने का दावा कर रहे हैं। अब नजर इस बात पर है कि चेतावनी के बाद काम रफ्तार पकड़ता है या लापरवाहों पर कार्रवाई होती है।

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