लोकतंत्र की पारदर्शिता सोनभद्र मे 2.52 लाख से अधिकारी नाम हटे

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अमित मिश्रा

O- मतदाता सूची का ऐतिहासिक शुद्धिकरण: लोकतंत्र की पारदर्शिता को मिली नई मजबूती

सोनभद्र से विशेष रिपोर्ट

सोनभद्र। लोकतांत्रिक व्यवस्था को अधिक सुदृढ़, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जनपद से सामने आई है। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर सोनभद्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई है। अर्हता तिथि 01 जनवरी 2026 के आधार पर चारों विधानसभा क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों का व्यापक और गहन सत्यापन किया गया, जिसके परिणामस्वरूप वर्षों से चली आ रही त्रुटियों, दोहराव और अप्रासंगिक प्रविष्टियों का व्यापक स्तर पर शुद्धिकरण हुआ है।

यह संपूर्ण प्रक्रिया मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश, लखनऊ द्वारा जारी निर्देशों के क्रम में संपन्न कराई गई। बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) द्वारा 04 नवम्बर से 26 दिसम्बर 2025 तक घर-घर जाकर गणना पत्रकों का वितरण, संग्रह और डिजिटाइजेशन किया गया। इसके बाद 06 जनवरी 2026 को मतदाता सूची का अनंतिम (ड्राफ्ट) प्रकाशन किया गया।

चार विधानसभा क्षेत्रों में व्यापक बदलाव

विशेष गहन पुनरीक्षण का असर चारों विधानसभा क्षेत्रों में स्पष्ट रूप से देखने को मिला।
घोरावल विधानसभा में 53,925 नामों की कटौती के बाद मतदाताओं की संख्या 3,39,084 रह गई।
रॉबर्ट्सगंज विधानसभा में 51,386 नाम हटाए गए, जिसके बाद वर्तमान मतदाता 2,91,112 दर्ज किए गए।
ओबरा विधानसभा में सबसे अधिक 79,232 नामों की कटौती हुई और अब यहां मतदाता संख्या 2,47,381 है।
वहीं दुद्धी विधानसभा में 67,421 नाम हटने के बाद मतदाता संख्या 2,75,537 रह गई।

इन कटौतियों में मृत मतदाता, लंबे समय से अनुपस्थित व्यक्ति, अन्य स्थानों पर स्थानांतरित हो चुके नागरिक और दोहरे मतदाता नाम प्रमुख कारण रहे। कुल मिलाकर चारों विधानसभा क्षेत्रों में 2.52 लाख से अधिक नाम मतदाता सूची से हटाए गए, जिससे सूची की शुद्धता और विश्वसनीयता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

दावा-आपत्ति की प्रक्रिया

निर्वाचन प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह प्रक्रिया केवल नाम हटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि योग्य नागरिकों को जोड़ने के लिए भी पूरा अवसर दिया जा रहा है।
06 जनवरी से 06 फरवरी 2026 तक दावा और आपत्ति दर्ज की जा सकती है।
इसके बाद 27 फरवरी 2026 तक सुनवाई, सत्यापन और निस्तारण की प्रक्रिया चलेगी।
आयोग की अनुमति 03 मार्च 2026 को प्राप्त होने के बाद 06 मार्च 2026 को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।

नए मतदाताओं के लिए अवसर

जो नागरिक 01 जनवरी 2026 को 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके हैं, या जिनका नाम त्रुटिवश सूची से कट गया है, वे फॉर्म-6 (विदेश में रह रहे भारतीयों के लिए फॉर्म-6A) के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन voters.eci.gov.in पोर्टल के जरिए ऑनलाइन अथवा संबंधित बीएलओ के माध्यम से किया जा सकता है।

11 जनवरी को सार्वजनिक वाचन

लोकतांत्रिक सहभागिता को और मजबूत करने के उद्देश्य से 11 जनवरी 2026 को सभी बूथों पर बीएलओ की उपस्थिति में मतदाता सूची का सार्वजनिक वाचन किया जाएगा, ताकि नागरिक स्वयं अपना नाम सूची में जांच सकें और आवश्यक संशोधन करा सकें।

लोकतंत्र की जड़ों को मजबूती

मतदाता सूची किसी भी चुनाव की आधारशिला होती है। सोनभद्र में किया गया यह विशेष गहन पुनरीक्षण न केवल प्रशासनिक पारदर्शिता का उदाहरण है, बल्कि निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव सुनिश्चित करने की दिशा में एक निर्णायक कदम भी है। यह प्रक्रिया आने वाले चुनावों में जनता के विश्वास को और मजबूत करेगी तथा लोकतांत्रिक शुचिता को नई मजबूती प्रदान करेगी।

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