उत्तर प्रदेश में मतदान व्यवस्था को लेकर बड़ा फैसला, 15 हजार से अधिक नए मतदेय स्थल मंजूर

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

लखनऊ (उत्तर प्रदेश) लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और अधिक सुगम व पारदर्शी बनाने की दिशा में भारत निर्वाचन आयोग ने उत्तर प्रदेश के 75 जनपदों की 403 विधानसभा क्षेत्रों में मतदेय स्थलों के सम्भाजन प्रस्ताव को 23 दिसम्बर, 2025 को औपचारिक मंजूरी प्रदान कर दी है। यह निर्णय लगभग 1200 मतदाताओं के मानक के आधार पर लिया गया है।

प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने जानकारी देते हुए बताया कि मतदेय स्थलों के सम्भाजन की प्रक्रिया 29 अक्टूबर, 2025 से प्रारम्भ की गई थी। इसके तहत 75 जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारियों से प्राप्त प्रस्तावों को 24 नवम्बर, 2025 को भारत निर्वाचन आयोग को अनुमोदन के लिए भेजा गया था।

मतदेय स्थलों की संख्या में ऐतिहासिक बढ़ोतरी

मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, प्रदेश में पहले मतदेय स्थलों की संख्या 1,62,486 थी, जो सम्भाजन के बाद बढ़कर 1,77,516 हो गई है। इस प्रकार प्रदेश को 15,030 नए मतदेय स्थल मिले हैं। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2024 में मतदेय स्थलों का सम्भाजन 1500 मतदाताओं के मानक पर किया गया था, जबकि इस बार मानक को और व्यावहारिक बनाया गया है।

नए बूथ, नए अधिकारी

मतदेय स्थलों की संख्या में वृद्धि के साथ ही 15,030 अतिरिक्त बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) की तैनाती की जाएगी, जिससे मतदाता सेवाओं, सत्यापन और निर्वाचन प्रबंधन को और मजबूत किया जा सकेगा।

06 जनवरी 2026 को नई निर्वाचक नामावली का प्रकाशन

01.01.2026 को अर्हता तिथि मानते हुए विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत 06 जनवरी, 2026 को नए मतदेय स्थलों पर निर्वाचक नामावली का आलेख्य प्रकाशन किया जाएगा।

लोकतंत्र को मजबूत करने की पहल

विशेषज्ञों का मानना है कि मतदेय स्थलों के इस व्यापक पुनर्गठन से मतदाताओं को लंबी कतारों, भीड़ और असुविधा से राहत मिलेगी, साथ ही मतदान प्रतिशत बढ़ाने में भी यह कदम निर्णायक साबित हो सकता है। यह फैसला आगामी चुनावों से पहले चुनाव आयोग की दूरदर्शी तैयारी के रूप में देखा जा रहा है।

Leave a Comment

1403
वोट करें

भारत की राजधानी क्या है?