अभिषेक अग्रहरी
O- मातृत्व पीड़ा के बाद आर्थिक संबल
ओबरा (सोनभद्र)। केंद्र सरकार की सामाजिक सुरक्षा पहलों की ज़मीनी उपयोगिता का एक सशक्त उदाहरण जनपद सोनभद्र के ओबरा क्षेत्र से सामने आया है। आकस्मिक पारिवारिक त्रासदी के बाद प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना ने एक परिवार को समय पर आर्थिक राहत प्रदान कर यह सिद्ध किया है कि यह योजना केवल कागज़ी नहीं, बल्कि वास्तविक जीवन में प्रभावी सहारा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ओबरा निवासी पंकज कुमार की पत्नी अनीता कुमारी का 15 नवंबर को प्रसव के दौरान निधन हो गया। इस असहनीय क्षति के बाद परिवार ने धार्मिक संस्कार पूरे किए। इसके पश्चात 27 नवंबर को पंकज कुमार ने ओबरा स्थित भारतीय स्टेट बैंक की वीआईपी रोड शाखा में घटना की सूचना दी।
बैंक द्वारा खाते की जांच करने पर यह स्पष्ट हुआ कि अनीता कुमारी का खाता प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना से आच्छादित था। आवश्यक दस्तावेज जमा कराने के बाद बीमा दावा प्रक्रिया पूरी की गई। समस्त औपचारिकताओं के पूर्ण होते ही 23 दिसंबर 2025 को योजना के अंतर्गत देय ₹2 लाख की बीमा राशि नामित व्यक्ति पंकज कुमार के खाते में स्थानांतरित कर दी गई।
महज़ ₹436 के वार्षिक प्रीमियम पर संचालित यह योजना आकस्मिक मृत्यु की स्थिति में परिवार को एकमुश्त आर्थिक सहायता उपलब्ध कराती है। इस प्रकरण ने यह स्पष्ट कर दिया कि कठिन समय में यह राशि पीड़ित परिवार के लिए तत्काल राहत और सहारे का माध्यम बन सकती है।
स्थानीय स्तर पर सामने आया यह उदाहरण दर्शाता है कि केंद्र सरकार की सामाजिक सुरक्षा योजनाएं केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ज़रूरत पड़ने पर आम नागरिकों के जीवन में वास्तविक बदलाव लाने की क्षमता रखती हैं।







