लखनऊ (उत्तर प्रदेश) । भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आज उत्तर प्रदेश में प्रदेश अध्यक्ष के पद के नए नाम की घोषणा की है, लेकिन इससे पहले हम आपको बताते हैं कि अब तक किन नेताओं ने यह जिम्मेदारी संभाली और पार्टी को कैसे ऊँचाइयों तक पहुँचाया। पिछले 45 सालों में यूपी भाजपा प्रदेश अध्यक्षों की यह लंबी, प्रभावशाली और यादगार सूची राजनीतिक इतिहास की मिसाल बन चुकी है।
अब तक बने प्रमुख प्रदेश अध्यक्षों की लिस्ट (1980–2025) :
- माधो प्रसाद त्रिपाठी – यूपी BJP के पहले अध्यक्ष, संगठन की आधारशिला रखने वाले नेता।
- कल्याण सिंह – मजबूत हिंदुत्व और संगठन विस्तार के लिए जाने जाते हैं।
- कलराज मिश्र – पार्टी इतिहास में सबसे लंबे कार्यकाल वाले अध्यक्षों में से एक।
- राजनाथ सिंह – बाद में राष्ट्रीय BJP नेतृत्व में शामिल हुए, यूपी को रणनीतिक दिशा दी।
- ओम प्रकाश सिंह – शांति और संगठनात्मक अनुशासन पर काम किया।
- विनय कटियार – जनसमर्थन और युवा कार्यकर्ता जुड़ाव के लिए याद किए जाते हैं।
- केशरी नाथ त्रिपाठी – पार्टी की विचारधारा को मजबूत करने वाली भूमिका निभाई।
- डॉ. रमापति राम त्रिपाठी – जन-आधार विस्तार के लिए सक्रिय।
- सूर्य प्रताप शाही – रणनीतिक नेतृत्व और शासन–संगठन संतुलन पर फोकस।
- लक्ष्मीकांत बाजपेयी – लोकसभा चुनाव दौर में बंपर जीत दिलाने वाले अध्यक्ष।
- केशव प्रसाद मौर्य – 2017 में पार्टी को ऐतिहासिक बहुमत दिलाया, संगठन और सरकार के बीच मजबूत तालमेल किए।
- स्वतंत्र देव सिंह और अन्य – 2020s में पार्टी के संगठन को नयी दिशा दी।
- भूपेंद्र सिंह चौधरी – सबसे हाल के कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष, पार्टी के संगठन को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई।

इन अध्यक्षों ने संगठन, चुनाव और पार्टी की विचारधारा को समय-समय पर मजबूती दी –
लोकसभा चुनावों में उच्च प्रदर्शन
विधानसभा चुनावों में रिकॉर्ड जीत
ओबीसी और अन्य समुदायों को जोड़ने की राजनीति
कार्यकर्ताओं के सम्मान और अनुशासन को बढ़ावा – ये सभी भाजपा को यूपी में एक मजबूत संगठनात्मक शक्ति के रूप में स्थापित करने में मददगार रहे हैं।
आज फिर नए युग की शुरुआत फिर नए युग की शुरुआत
उत्तर प्रदेश भाजपा नेतृत्व आज 13 दिसंबर 2025 को नए प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव प्रक्रिया में है, जिसमें
प्रतिष्ठित नेताओं की कड़ी प्रतिस्पर्धा
ओबीसी, ब्राह्मण और अन्य सामाजिक समीकरण की रणनीति
राजनीतिक समीकरण का बड़ा झटका
जैसे टॉकिंग पॉइंट हैं – और पंकज चौधरी नाम मोस्ट-फ्रंट-रनर हैं।
स्मरणीय और प्रेरणादायक यादें
यह नियुक्ति न सिर्फ संगठन की मजबूती का संदेश देती है, बल्कि भाजपा की आगामी 2027 विधानसभा चुनाव रणनीति को भी नई दिशा देगी – सारा फोकस युवा, OBC नेतृत्व और जमीनी जुड़ाव पर है।
जब कल्याण सिंह ने संगठन को सामाजिक संतुलन के साथ आगे बढ़ाया।
जब लक्ष्मीकांत बाजपेयी के नेतृत्व में पार्टी ने लोकसभा में जबरदस्त प्रदर्शन किया और जब केशव प्रसाद मौर्य की अध्यक्षता में 2017 में पार्टी ने ऐतिहासिक बहुमत से सत्ता में वापसी की।







