अमित मिश्रा
O- सुरक्षा के लिए प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग
सोनभद्र । ग्राम बिल्ली-मारकुंडी में सरकारी गिट्टी की हो रही चोरी को लेकर जिला प्रशासन पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। भाजपा नगर अध्यक्ष विनय श्रीवास्तव के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को जिलाधिकारी से मुलाकात कर सीज की गई लाखों घनमीटर डोलोस्टोन गिट्टी, बोल्डर, डस्ट और स्टोन की सुरक्षा के लिए तत्काल कड़े निर्देश जारी करने की मांग की।

उल्लेखनीय है कि 18 नवंबर 2024 को इन सामग्रियों के निस्तारण के लिए जिला प्रशासन द्वारा ई-निविदा जारी की गई थी। इसके आधार पर 27 नवंबर को नीलामी भी आयोजित हुई, लेकिन अगले ही दिन उच्च न्यायालय ने नीलामी प्रक्रिया पर स्थगनादेश जारी कर दिया। इसके चलते लगभग 3,73,026 घनमीटर गिट्टी सड़क किनारे ही बिना सुरक्षा के पड़ी है। जिसका अनुमानित सरकारी मूल्य करीब तीस करोड़ रुपये आंका गया था।

उच्च न्यायालय के आदेश के बाद यह पूरी सामग्री प्रशासनिक संरक्षण में है, लेकिन इसी दौरान क्षेत्र में पत्थर-गिट्टी की कमी और बढ़ी कीमतों का फायदा उठाकर असामाजिक तत्वों की सक्रियता बढ़ गई है। आरोप है कि रात के अंधेरे में ट्रकों के माध्यम से बड़ी मात्रा में सरकारी गिट्टी को चोरी कर स्थानीय मंडियों में बेचा जा रहा है। सूत्रों के अनुसार कुछ ही दिनों में सैकड़ों ट्रक अवैध रूप से गिट्टी उठाकर ले जा चुके हैं, जिससे सरकार को भारी राजस्व क्षति हो रही है।
भाजपा नगर अध्यक्ष ने बताया कि बीती रात उन्होंने इस अवैध गतिविधि की सूचना अपर जिलाधिकारी और ज्येष्ठ खान अधिकारी को दी थी। सूचना पर छापेमारी हुई भी, जहाँ से पाँच ट्रक लोड गिट्टी और एक पिलोडर पकड़ा गया। लेकिन मौके से न तो किसी वाहन को सीज किया गया और न ही किसी आरोपी पर कानूनी कार्रवाई की गई। इस ढिलाई को स्थानीय लोगों ने प्रशासनिक मिली-भगत और लापरवाही की संज्ञा दी है।
प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट कहा कि यदि सरकारी संपत्ति की सुरक्षा के लिए तुरंत उपाय नहीं किए गए, तो न सिर्फ करोड़ों के राजस्व का नुकसान होगा, बल्कि कानून-व्यवस्था पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने मांग की-
- क्षेत्र में पुलिस बल की तैनाती की जाए,
- लगातार गश्त हो,
- अवैध ढुलाई में शामिल वाहनों को सीज किया जाए,
- और जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई सुनिश्चित हो।
जिला प्रशासन ने ज्ञापन प्राप्त कर मामले की जांच शुरू करने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। स्थानीय स्तर पर लोग अब इस बात की प्रतीक्षा कर रहे हैं कि सरकारी गिट्टी की यह कथित “खुली लूट” आखिर कब रुकेगी।







