अमित मिश्रा
सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। जनपद में सिख धर्म के नौवें गुरु व अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष के प्रतीक श्री गुरु तेग बहादुर के 350 वीं शहीदी दिवस पर मंगलवार को सोनभद्र नगर स्थित स्थित गुरुद्वारा साहिब द्वारा शब्द-कीर्तन का विशेष आयोजन किया गया। जिसमे बड़ी संख्या में श्रद्धालु गुरुद्वारा हुँचकर गुरु साहिब के आगे नतमस्तक हुए।
इस कार्यक्रम की शुरुआत शब्द-कीर्तन से हुई, जिसमें रागी जत्थे ने गुरु तेग बहादुर जी के उपदेशों, त्याग और मानवता की रक्षा हेतु किए गए उनके बलिदान की महिमा का गायन किया। कीर्तन के दौरान पूरे परिसर में आध्यात्मिक और शांतिमय वातावरण बना रहा।
बताया गया कि गुरु तेग बहादुर जी ने धर्म, मानवीय मूल्यों और स्वतंत्रता की रक्षा हेतु अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया। उनका बलिदान पूरे विश्व के लिए प्रेरणादायक है। उनका संदेश साहस, करुणा, सेवा और सत्य के मार्ग पर चलने की सीख देता है।
श्रद्धालुओं ने गुरु साहिब के बताए हुए मार्ग का अनुसरण करने और समाज में भाईचारे, सेवा तथा मानवीय मूल्यों को मजबूत बनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के उपरांत अरदास की गई और गुरु का लंगर वितरित किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने सहभागिता की।
गुरुद्वारा परिसर दिनभर कीर्तन, सेवा और भक्ति से गूंजता रहा और संगत ने गुरु तेग बहादुर जी को नमन किया।
इस मौके पर सरदार दया सिंह, अजीत सिंह भंडारी, जशवीर सिंह, देवेंद्र सिंह, विसुन सिंह, राजकुमार सिंह, रवि सिंह, मीना, महेंद्र कौर,रजिंदर कौर,सुरजन सिंह, तृप्ति कौर आदि श्रद्धालू मौजूद रहे।







