खनन हादसा: कांग्रेस जिलाध्यक्ष सहित कार्यकर्ताओ को जिला प्रशासन ने घटना स्थल पर जाने से रोका

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अमित मिश्रा

घटनास्थल पर न जाने देना सीधे रूप में लोकतंत्र की हत्या है-रामराज

सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। जनपद में बिल्ली-मारकुंडी खनन क्षेत्र में शनिवार को पत्थर खदान में ड्रिल करने के दौरान हुए हादसे में अभीतक मलबे में दबे मजदूरों के परिजनों एवं घटनास्थल का जायजा लेने पहुंचे कांग्रेस नेताओं को पुलिस ने रास्ते में रोक दिया।पुलिस द्वारा कांग्रेसियों को रोके जाने से नाराज़ नेताओं से पुलिस के साथ नोंक झोंक भी हुई परंतु पुलिस के समझाने पर कांग्रेस नेता वापस चले गए।प्रतिनिधि जिलाध्यक्ष रामराज गोंड के नेतृत्व में खनन हादसे में शिकार मजदूरों का हाल जानने के लिए बिल्ली के यादव बस्ती खनन क्षेत्र के घटना स्थल पर जा रहे थे।पुलिस द्वारा जनप्रतिनिधियों और नेताओं को पीड़ितों से मुलाक़ात करने से जबरन रोके जाने पर नाराजगी जाहिर करते हुए।

कांग्रेस जिला अध्यक्ष रामराज गोंड ने कहा कि एक तरफ यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोनभद्र में सभा कर रहे थे, दूसरी तरफ अवैध खनन का खेल धड़ल्ले से जारी था,लापरवाही का नतीजा ये रहा कि गरीब मजदूरों की जाने चली गईं। इसके साथ ही जिलाध्यक्ष ने कहा कि खनन क्षेत्र में मजदूरों के मारे जाने की ये पहली घटना नहीं है इसके पहले भी कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

जनपद में खनन माफियाओं के आगे प्रशासन मूक दर्शक बना हुआ है। रामराज गोंड ने मृत श्रमिकों को 1 करोड़ साथ ही सरकारी नौकरी व मुआवजा देने के साथ ही दोषियों के विरुद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्यवाही ही मांग की है।

पार्टी प्रवक्ता इनामुल हक अंसारी एडवोकेट ने इस घटना को दुर्भाग्य पूर्ण बताया।

वरिष्ठ नेता राजीव त्रिपाठी परिजनों के परिवार में एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की।

उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य आशुतोष कुमार दुबे ने कहा कि जहां एक और इतनी बड़ी घटना है और कांग्रेस पार्टी के जिला अध्यक्ष जो विधानसभा ओबरा के प्रत्याशी भी रहे हैं और इस घटना में कुछ आदिवासी भाई भी हताहत हुए हैं उनको देखने मिलने के लिए वह व्यक्तिगत जाना चाहते थे लेकिन प्रशासन का ये कृत अशोभनीय है जो उनके तानाशाही को दर्शाता है व लोकतंत्र की हत्या हैं, जितनी सजकता प्रशासन अभी दिखा रही है वह पहले दिखती हो शायद इस प्रकार की घटना होती है नहीं।

वही जिला उपाध्यक्ष बृजेश त्रिवारी ने कहा की खनन हादसा पूर्व में भी हो चुका है लेकिन इसको लेकर प्रशाशन सजक नहीं हो पा रही है।

इस दौरान श्रीकांत मिश्रा, बाबूलाल पनिका,कैलाश गोंड,संतराम केसरी,अहमद हुसैन,सलमान,शशि बाला,जयशंकर भारद्वाज सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे ।

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