भारत मे प्रतिबंधित कफ सिरफ का बांग्लादेश होता था सप्लाई, आठ आरोपी गिरफ्तार, करोड़ो रुपये की कफ सिरफ बरामद

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

अमित मिश्रा

सोनभद्र पुलिस की इनपुट पर गाजियाबाद में हुआ इस गिरोह का भंडाफोड़

सोनभद्र के रास्ते झारखण्ड से असम , पश्चिम बंगाल से बांग्लादेश सप्लाई होती थी प्रतिवन्धित कफ सिरफ

सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। प्रदेश के औद्योगिक नगर गाजियाबाद से प्रतिबंधित कफ सिरफ सोनभद्र के रास्ते झारखण्ड , पश्चिम बंगाल , असम से बांग्लादेश भेजा जाता है जिसका खुलासा सोनभद्र की इनपुट पर गाजियाबाद कमिशनरेट पुलिस द्वारा किया गया। सोनभद्र पुलिस की इनपुट पर गाजियाबाद पुलिस कमिशनरेट के नन्दग्राम थाना पुलिस व स्वाट टीम ने आठ तस्करो को गिरफ्तार करते हुए 3 करोड़ 40 लाख की प्रतिवन्धित कफ सिरफ बरामद किया है।

पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने बताया कि मादक पदार्थों एवं नशीली दवाओं की तस्करी, फरार व वांछित ईनामिया आरोपियो की गिरफ्तारी एवं रोकथाम के तहत जनपद पुलिस द्वारा चलाए जा रहे अभियान के तहत प्रतिबंधित Eskuf व Phensedyl Cough Syrup की तस्करी में लिप्त अन्तर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया गया है।

तीन नवम्बर की रात्रि में सोनभद्र पुलिस की सूचना पर कमिश्नरेट गाजियाबाद की स्वाट टीम, क्राइम ब्रांच, थाना नंदग्राम पुलिस एवं सोनभद्र पुलिस टीम द्वारा मेरठ रोड स्थित मछली गोदाम परिसर से 08 शातिर आरोपियो को गिरफ्तार किया गया। जिनके कब्जे से प्रतिबंधित कफ सीरप की कुल 1,57,350 शीशियाँ (Eskuf व Phensedyl), 02 ट्रक, 02 आयशर कैंटर, 01 क्रेटा कार (UP14FB2244), ₹20 लाख नगद, 02 लैपटॉप, 10 मोबाइल, फर्जी सिम कार्ड, मुहरें, तथा Tapentadol टेबलेट्स (19 स्टिप) इत्यादि बरामद किया गया।इन कुल बरामदगी की कीमत लगभग 3 करोड़ 40 लाख रुपये है।

इस उक्त बरामदगी व गिरफ्तारी के आधार पर थाना नंदग्राम कमिश्नरेट गाजियाबाद में सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया है।

पुलिस को गिरफ्तार आरोपियो द्वारा पूछताछ में बताया गया कि मुख्य आरोपी सौरव त्यागी है, जबकि संतोष भड़ाना उसका मुख्य ट्रांसपोर्टर है, जिसके गोदाम से प्रतिबंधित कफ सीरप ट्रकों में लोड किया गया था। सौरव त्यागी ने बताया कि इन कफ सीरप (Eskuf, Phensedyl) में कोडीन होने से यह नशे के रूप में प्रयुक्त होते हैं, जिनकी भारत में बिक्री प्रतिबंधित है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि इस तस्करी का संचालन मुख्य सरगना आसिफ व वसीम (मेरठ) तथा शुभम जायसवाल (वाराणसी) द्वारा किया जाता था। सौरव त्यागी एनसीआर क्षेत्र में इस नेटवर्क का प्रमुख था, जो अपने फर्जी फार्मा लाइसेंसों के माध्यम से विभिन्न कंपनियों से कफ सीरप खरीदकर उन्हें ट्रांसपोर्ट गोदाम में छिपाता था। इसकी मांग मिलने पर ट्रकों में अन्य सामान के झारखंड, बंगाल, असम आदि राज्यों को भेजा जाता था, जहां से बांग्लादेश तक इसकी तस्करी की जाती थी। वही अन्य आरोपियो शादाब व शिवाकांत सौरव के कर्मचारी हैं, जो माल लोडिंग व रिकॉर्ड मेंटेन करते थे, जबकि अम्बुज गोदाम कर्मचारी अन्य चालक तस्करी में सहयोगी थे।

Leave a Comment

1347
वोट करें

भारत की राजधानी क्या है?