अभय त्रिपाठी
जून माह में अली अहमद की बैरक से नगदी बरामद होने के बाद शासन के निर्देश पर उसकी जेल बदली गयी
प्रयागराज(उत्तर प्रदेश)। सूबे चर्चित रहे माफिया व जनप्रतिनिधि अतीक अहमद के बेटे अली अहमद को प्रॉपर्टी डीलर से रंगदारी मांगने के आरोप में तीन साल से भी ज्यादा समय तक केंद्रीय कारागार नैनी से बुधवार को कड़ी सुरक्षा में झांसी जेल स्थानांतरित कर दिया गया। इस सम्बंध में वरिष्ठ अधीक्षक कारागार विजय
विक्रम सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि शासन के निर्देश पर अली अहमद की जेल बदली गई है। अली अहमद लगभग तीन साल से अधिक समय तक नैनी सेंट्रल जेल में बंद था ,उसे अब कड़ी सुरक्षा के साथ झांसी जेल भेजा गया है।
अली अहमद ने 30 जुलाई 2022 को कोर्ट में सरेंडर किया था। उस पर प्रॉपर्टी डीलर जीशान उर्फ जानू से पांच करोड़ रुपए की रंगदारी मांगने का आरोप है। न्यायिक हिरासत में उसे उसे नैनी सेंट्रल जेल भेजा गया था। इस दौरान जेल में बंद अली उस वक्त चर्चा में आया जब जून 2025 को उसके पास बैरक में नगदी बरामद हुई थी। तब उसे नैनी सेंट्रल जेल की ‘फांसी घर’ वाली हाई सिक्योरिटी सेल में भेज दिया गया था।
बताते चले कि सेन्ट्रल जेल के फांसी घर की हाई सिक्योरिटी सेल अन्य बैरकों से काफी दूर है। बैरक के अंदर और बाहर पूरे रास्ते खुफिया कैमरे लगे हैं। बैरक के बाहर चार सुरक्षाकर्मी और नंबरदारों की
ड्यूटी लगाई जाती है। 17 जून को अली की बैरक से नगदी बरामद हुई थी। कितनी नगदी बरामद हुई थी, यह जेल प्रशासन ने स्पष्ट नहीं किया था। इसके बाद जेल प्रशासन में खलबली मच गई थी और किरकिरी से बचने को तत्काल प्रभाव से डिप्टी जेलर कांति देवी और एक हेड वार्डर को निलंबित कर दिया गया था। घटना के बाद अली को हाई सिक्योरिटी बैरक में शिफ्ट कर लखनऊ स्थित एकीकृत कमान और नियंत्रण केंद्र (इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर) से उसकी गतिविधियों पर निगरानी की जाने लगी थी।







