झारखण्ड से भटक कर आये बच्चो को ग्रामीणो ने परिजनो से मिलवाया

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धुरकी थाना क्षेत्र के दुसैया गांव से नानी के घर दुद्धी जाने के लिए निकले थे तीनो बच्चे

वीरेंद्र कुमार

विंढमगंज(सोनभद्र/उत्तर प्रदेश)। स्थानीय थाना क्षेत्र के सलैयाडीह कोन मोड़ के पास बीती रात्रि लगभग 8बजे तीन छोटे बच्चे घूमते हुए संदिग्ध अवस्था में दिखाई दिए। समाजसेवी लक्ष्मण मौर्य ने बच्चों से पूछताछ कि तो एक बच्ची ने बताया कि वे लोग दुद्धी अपनी नानी के यहां घूमने जा रहे थे।चूंकि तीनों ही बच्चे बेहद कम उम्र के थे, इसलिए ग्रामीणों ने उनके बताए पते की जानकारी जुटाई।

बच्चों ने अपना नाम और घर झारखंड राज्य के थाना धुरकी अंतर्गत गांव दुसैया बताया। तत्पश्चात गांव के लोगों से संपर्क कर परिजनों को सूचना दी गई।सूचना मिलते ही परिजन विंढमगंज पहुंचे, जहां ग्रामीणों ने बच्चों को सुरक्षित रखा हुआ था। बच्चों की पहचान रागिनी कुमारी, 8 वर्ष ,संदीप कुमार, 5 वर्ष पिता सुरज भुइंया,अदिति कुमारी, 10 वर्ष, पिता अर्जून भुइंया सभी निवासी गांव दुसैया, थाना धुरकी, झारखंड तीनों बच्चे बिना बताए घर से निकल गए थे। बाद में परिजन उन्हें सकुशल Aअपने साथ ले गए।

मौके पर उपस्थित छात्र नेता अमन जायसवाल ने कहा कि छोटे बच्चों का अकेले निकल जाना खतरनाक हो सकता है। अभिभावकों को चाहिए कि वे अपने बच्चों की देखभाल पर विशेष ध्यान दें।

इस दौरान लक्ष्मण मौर्य ,अमन जायसवाल,राजन गुप्ता, विवेक कुमार सिंह, राजेश कुमार यादव, नंदलाल कुमार, अर्जून राम सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।

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