एबीवीपी ने सदैव देशहित को सर्वोपरि रखा:डॉ आमोद तिवारी

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अमित मिश्रा

एबीवीपी का स्थापना दिवस राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस के रूप में मना

सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का 77वां स्थापना दिवस जिले भर में धूम धाम से मनाया गया। इस अवसर पर सोनभद्र नगर के डायट सभागार में संगोष्ठी का आयोजन किया गया।डायट परिसर में आयोजित संगोष्ठी में विभाग प्रमुख डॉ आमोद तिवारी, स्वावलंबी भारत के प्रान्त संयोजक पुनीत मिश्रा, विभाग संगठन मंत्री विवेक कुमार, डायट प्रवक्ता नीरज, पूर्व विभाग संगठन मंत्री अशोक ने मां सरस्वती व स्वामी विवेकानंद के प्रतिमा पर दीप प्रज्ज्वलन व पुष्पार्चन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए स्वावलंबी भारत के प्रान्त संयोजक ने कहा कि आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का स्थापना दिवस है। जिसे संगठन राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस के रूप में मनाता है।विद्यार्थी परिषद मानती है कि विद्यार्थी कल का नही,आज का नागरिक है। विद्यार्थी देशभक्त,चरित्रवान, ईमानदार तथा परिश्रमी बनें और केवल अपने लिए नहीं, देश व समाज के लिए जिए। ये गुण विद्यार्थी परिषद कूट-कूटकर भरती है। पूर्व योजना और पूर्ण योजना ये मंत्र विद्यार्थी परिषद ने ही सबको सिखाया है।

आज जो कुछ भी कार्यकर्ता अपने निजी जीवन में अच्छा कर पा रहे है, उसमें विद्यार्थी परिषद द्वारा दिए गए गुणों का बहुत योगदान है।

विभाग प्रमुख डॉ आमोद तिवारी ने कहा कि भारत माता की जय का उद्घोष मात्र बोलने ने लिए नही है परिषद् का प्रत्येक कार्यकर्त्ता माँ भारती के लिए जीने का कार्य करता है देश की अखंडता के लिए कार्य करता है।

विभाग संगठन मंत्री विवेक ने कहा कि छात्रशक्ति को राष्ट्रशक्ति में रूपांतरित करने और युवाओं में देशभक्ति की भावना जागृत करने हेतु समर्पित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के स्थापना की गई। चाहे पूर्वोत्तर में घुसपैठ के मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर लाना हो, आपातकाल के विरुद्ध राष्ट्रव्यापी आंदोलन के माध्यम से तानाशाही को चुनौती देना हो, गोवा मुक्ति आंदोलन को गति प्रदान करनी हो या धारा 370 के विरोध में सक्रिय भूमिका निभानी हो, एबीवीपी ने सदैव देशहित को सर्वोपरि रखा है और मातृभूमि व संस्कृति के प्रति युवाओं को जागरूक किया है। इस संगठन ने भारतीय इतिहास में अमिट छाप छोड़ने वाले अनेक महापुरुष देकर राष्ट्रनिर्माण की यात्रा को सतत और सशक्त बनाए रखा है।

स्थापना दिवस के इस अवसर को “राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस” के रूप में मनाया जाता है जो राष्ट्र निर्माण में छात्रशक्ति के योगदान को समर्पित है। अभाविप के कार्यकर्ता देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थानों में संगोष्ठियों, छात्र रैलियों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, और रक्तदान शिविरों का आयोजन कर इस पर्व को बड़ी धूम धाम से मनाते है। परिषद के कार्यकर्ताओं ने छात्रहित, शिक्षा सुधार और राष्ट्रभक्ति जैसे विषयों पर संवाद स्थापित किया।


इस कार्यक्रम में प्रमुख रूप से जिला संयोजक ललितेश मिश्रा, पूर्व जिला संयोजक सौरभ, पूर्व संगठन मंत्री मनीष पटेल, प्रिंस सिंह, अमन सिंह सहित सैकड़ों विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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