अमित मिश्रा
श्री गुरु हरगोबिन्द जी का प्रकाश पर्व मनाया गया
सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। श्री गुरु हरगोविन्द सिंह का जन्मोत्सव प्रकाश पर्व स्थानीय गुरुद्वारा पर बड़े धूमधाम से मनाया गया। श्री अखंड पाठ की समाप्ति के बाद भाई बिशन सिंह, सुरजन सिंह व दया सिंह के व्दारा भजन कीर्तन का गायन किया गया। गुरु जी का जन्म बडाली, अमृतसर में हुआ, बचपन से ही वीरता भरी हुई थी।मार्शल आर्ट व तलवार बाजी में निपूर्ण थे। 11 वर्ष की अवस्था में ही गुरु गद्दी पर विराजमान हुए। अपने दो तलवारे धारण की, जिसे मीरी पीरी का नाम दिया गया, एक तलवार धार्मिक व एक सांसारिक मसलों के लिए।
जहांगीर में इनके यश को सुनकर इनको ग्वालियर के किले में कैद कर दिया,जहां 52 अन्य राजे भी कैद थे बाद में जहांगीर को जल्दी ही अपनी गलती का एहसास हुआ और और उसने छोड़ने का आदेश दिया, गुरुजी उन राजाओं को भी कैद से छुड़ाकर बाहर आए। इसीलिए इनका बंदी छोड़ दाता भी कहा गया।
कार्यक्रम के समाप्ति के उपरांत प्रसाद व लंगर का वितरण हुआ। इसमें बेसन की रोटी और दही की लस्सी भी संगत को पिलाई गई।
इस कार्यक्रम कैबसफल बनाने के लिए जसबीर सिंह, रनजीत सिंह, दया सिंह, चरन जीत सिंह, मनजीत सिंह, त्रिलोक सिंह, संतोष सिंह प्रभजोत सिंह आदि ने सहयोग किया।







