चिकित्सक ज्यादा से ज्यादा जेनरिक दवा लिखे:डॉ अनिल मौर्य

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अमित मिश्रा

सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। जन औषधि दिवस के अवसर पर जिला संयुक्त चिकित्सालय के प्रागंण में जन जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में डा० अनिल कुमार मौर्य विधायक, घोरावल, भूपेश चौबे, विधायक सदर भी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि जन औषधि की शुरूआत नवम्बर 2008 में हुयी थी परन्तु 2015 में प्रधानमंत्री ने इसे विस्तारित रूप दिया और इसे प्रधानमंत्री जन औषधि केन्द्र का नाम दिया गया। इसका मूल उद्देश्य भारत के सभी नागरिकों, विशेषकर मध्यम वर्ग एवं गरीबों को सस्ती कीमतों पर गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवायें उपलब्ध कराया जाना है, जिससे जन-जन तक सस्ती दवायें उपलब्ध हो सकें। उन्होंने यह भी बताया कि लोगों के अन्दर इस धारणा को समाप्त करना है कि मंहगी दवा ही अच्छी होती है। प्रधानमंत्री जन औषधी केन्द्र पर उपलब्ध दवायें विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा प्रमाणित कम्पनियों एवं एजेंसीयों से खरीदी जाती हैं। यह सभी गुणवत्तापूर्ण एवं सस्ती होती हैं जिसे मध्यमवर्ग एवं निम्न आय वर्ग की जनता आसानी से खरीद सकती है। इन दवाओं की कीमती ब्रान्डेड दवाओं से 50 प्रतिशत से 80 प्रतिशत तक कम होती है।

मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा बताया गया कि बहुत जल्द ही जनपद के 11 सरकारी स्वास्थ्य इकाईयों पर प्रधानमंत्री जन औषधि केन्द्र का संचालन शुरू करा दिया जायेगा, जिसके लिए शासन द्वारा मेसर्स सिलकान हेल्थ केयर प्रा०लिमिटेड को नामित किया गया है। कम्पनी द्वारा शीघ्र ही जन औषधि केन्द्र खोलने की प्रक्रिया पूर्ण कर ली जायेगी।

मुख्य अतिथि अनिल मौर्या विधायक घोरावल द्वारा बताया गया कि भारतीय महिलाओं के लिये स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने की दशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में जन औषधि केन्द्र की सुविधा 27 अगस्त 2019 को लॉच किया गया था जिसमें केवल 01-रू० प्रति इकाई की दर से सेनेट्री पैड उपलब्ध कराया जाता है जिससे महिलाओं व किशोरियों को माहवारी के समय संक्रमण से होने वाली बीमारियों से बचाव किया जा रहा है। उनके द्वारा यह भी बताया गया कि मधुमेह रोग की दवा जो लगभग 3000.00 प्रतिमाह की पड़ती है, जनऔषधि केन्द्र से यह मात्र रू0 100-300 प्रतिमाह में मिल जाती है। उन्होंने समस्त चिकित्सकों से अनुरोध किया कि वह जेनेरिक दवाओं को ज्यादा से ज्यादा लिखें जिससे कि मरीजों को यह दवायें प्रधानमंत्री जन औषधि केन्द्रों से मिल सके और जन-जन को सस्ती दवायें सुलभ करायी जा सकें।

विधायक सदर भूपेश ने बताया कि पिछले 08 वर्षों में देश के लोगों को जन औषधि केन्द्रों के माध्यम से सस्ती कीमत पर गुणवत्ता पूर्ण दवायें उपलब्ध होने के कारण निम्न एवं मध्यम वर्ग के लोगों के खर्च में भारी कमी सम्भव हो पायी है। इससे नागरिकों के दवाओं पर खर्च होने वाले बीस हजार करोड़ रूपये से अधिक की बचत हुई है। लोगों की इस व्यापक स्वीकृति ने जन औषधि केन्द्रों को देश के हर कोने में अपनी पहुंच बढ़ाने के लिये प्रोत्साहित किया है।

अजीत रावत ब्लाक प्रमुख सदर द्वारा बताया गया कि देश में सस्ती और गुणवत्तापरक दवाईयों के जरियें स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। जन-जन तक जेनेरिक दवाओं एवं जन औषधि केन्द्रों के माध्यम से बीमारी में होने वाले खर्च को कम करते हुए प्रभावी स्वास्थ्य सुविधायें उपलब्ध करायी जा रही है।

मोहन कुशवाहा द्वारा बताया गया कि शासन द्वारा प्रदेशवासियों में जेनेरिक दवाओं के प्रति जागरूकता और विश्वास पैदा करने के उद्देश्य से 07 मार्च को जन औषधि दिवस मनाया जाता है। यह दिन प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना की उपलब्धियों को मनाने का भी दिन है।

इस अवसर पर अपर मुख्य चिकित्साधिकारी, डा०आरजी यादव, डा० प्रेम नाथ, जिला संयुक्त चिकित्सालय से वरिष्ठ चिकित्सक डा० डीके सिंह, डा० एवी सिंह तथा समस्त स्टाफ उपस्थित रहें। कार्यक्रम का संचालन डा० गणेश प्रसाद द्वारा किया गया।

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