पीजी व शोध छात्र कोर्स के साथ रिसर्च पेपर भी पढ़े: प्रो.अमित पात्रा

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शिवम गुप्ता

अगले पांच साल में पीजी और शोध छात्रों की संख्या दोगुना करने का लक्ष्य – प्रोफेसर अमित पात्रा

आईआईटी(बीएचयू) में पहली बार आयोजित हुआ पीजी और शोध छात्रों के लिए अभिविन्यास कार्यक्रम

    वाराणसी। आईआईटी बीएचयू में रिसर्च फैसिलिटी, नए लैब, हॉस्टल और अन्य सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी, इससे न सिर्फ पीजी और शोध छात्रों को लाभ होगा बल्कि अगले पांच साल में पीजी और शोध छात्रों की संख्या दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है। यह जानकारी, संस्थान के निदेशक प्रोफेसर अमित पात्रा ने शनिवार को स्वतंत्रता भवन में आयोजित अभिविन्यास कार्यक्रम के तीसरे चरण में दीं।

    आईआईटी(बीएचयू) में पहली बार पोस्ट ग्रेजुएट और पीएचडी में प्रवेश पाए नए छात्रों का स्वागत में ओरिएंटेशन और इंडक्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस अवसर पर निदेशक ने पीजी, शोध छात्रों को कोर्स की किताबों के अलावा अधिक से अधिक रिसर्च पेपर पढ़ने की सलाह दी। इससे शैक्षणिक व्यक्तित्व का विकास होगा। उन्होंने सीनियर छात्रों से अपने जुनियर छात्रों की मदद करने का आग्रह किया।

    इससे पूर्व स्टूडेंट काउंसिल सर्विस द्वारा आयोजित कार्यक्रम का आरंभ करते हुए निदेशक प्रोफेसर अमित पात्रा, अधिष्ठातागण प्रोफेसर एसबी द्विवेदी, प्रोफेसर राजेश कुमार, प्रोफेसर विकाश कुमार दूबे, प्रोफेसर रजनेश त्यागी, प्रोफेसर हीरालाल प्रमाणिक ने दीप प्रज्जवलन किया और महामना की प्रतिमा पर माल्यापर्ण कर श्रद्धांजलि दी। इसके पश्चात वैदिक मंत्रोच्चार और कुलगीत का गायन हुआ।

    इसके बाद नवागत छात्रों को सभी विभागों के विभागाध्यक्ष, स्कूलों के समन्वयक, अधिष्ठातागण का परिचय कराया गया। फिर अधिष्ठाता शैक्षणिक कार्यक्र प्रोफेसर एसबी द्विवेदी ने छात्रों को पीजी आध्यादेश के क्रेडिट स्कोर, छुट्टियों के नियम से अवगत कराया। अधिष्ठाता छात्र कार्य ने पीजी और शोध छात्रों से पढ़ाई के साथ-साथ खेलने और व्यायाम करने की भी सलाह दी। अधिष्ठाता रिसर्च एवं डेवलपमेंट प्रोफेसर विकाश कुमार दूबे ने संस्थान में रिसर्च इन्फ्रास्ट्रक्चर की जानकारी दी। उन्होंने छात्रों को देश के हित में शोध करने के लिए प्रोत्साहितत किया। उन्होंने छात्रों को सेंट्रल इंस्ट्रूमेंट फैसिलिटी, प्रिसिजन इंजीनियरिंग हब, थर्मो मैकेनिकल सिमुलेटर, सुपर कंप्यूटर ’परम शिवाय’, डीआरडीओ सेंटर फॉर एक्सीलेंस, मशीन टूल डिजाइन सेंटर आदि के बारे में जानकारी दी और शोध के लिए प्रोत्साहित किया। अधिष्ठाता रिसोर्स एवं अलुमनी प्रोफेसर हीरालाल प्रमाणिक संस्थान, छात्रों और एलुमनी के बीच के संपर्क और पुरा छात्रों द्वारा संस्थान के हित में किये जा रहे कार्यक्रमों की जानकारी दी।

    धन्यवाद ज्ञापन डॉ सुनील कुमार मिश्रा, अस्सिटेंट प्रोफेसर, फिजिक्स विभाग और फैकल्टी कोआर्डिनेटर, स्किल डेवलपमेंट काउंसिल, स्टूडेंट काउंसिल सर्विस ने किया। अभिविन्यास कार्यक्रम में पीजी, शोध छात्रों को हॉस्टल, सिक्योरिटी, लाइब्रेरी की जानकारी दी गई।

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