डीपीआरओ ने एक सफाईकर्मी को किया निलंबित

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अमित मिश्रा

डीपीआरओ ने जनपद के दस विकास खण्डों के एडीओ पंचायत द्वारा कार्यो में लापरवाही बरतने पर एक दिन का वेतन रोक दिया

सोनभद्र। जनपद में प्रधानमंत्री के विजन स्वच्छ भारत मिशन के कार्यो में लापरवाही बरतने के आरोप में जिला पंचायत राज अधिकारी ने चोपन विकास खण्ड के पनारी ग्राम पंचायत में तैनात सफाई कर्मी सुरेन्द्र मोहन पाण्डेय को निलंबित कर दिया और इसकी जांच सहायक जिला पंचायत राज अधिकारी प्राविधिक को सौंपा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार लोकसभा चुनाव सम्पन्न होने के बाद आदर्श आचार संहिता के हटते ही जिला पंचायत राज अधिकारी नमिता शरण पूरी एक्शन में है। जनपद में अपने कार्यो में शिथिलता बरतने वाले सम्बंधित अधिकारी व कर्मचारियों को जिम्मेदारी से अपने कार्यो को करने का निर्देश दिया। 

वही जनपद के चोपन विकास खण्ड के पनारी ग्राम पंचायत में तैनात सफाईकर्मी सुरेन्द्र मोहन पाण्डेय पुत्र श्री प्रेम मोहन पाण्डेय के विरूद्ध मिली शिकायत पर जांच में आरोप सही मिलने पे अनुशासनिक कार्यवाही प्रस्तावित है, को एतद्वारा तत्कालिक प्रभाव से निलम्बित किया जाता है।

इस निलम्बन की अवधि में निलम्बित सफाईकर्मी को वित्तीय नियम संग्रह खण्ड-2 भाग-2 से 4 के मूल नियम-53 के प्राविधानों के अनुसार जीवन निर्वाह भत्ते की धनराशि अर्द्धवेतन पर देय अवकाश वेतन की धनराशि के बराबर होगी तथा उन्हे जीवन निर्वाह भत्ते की धनराशि पर महगांई भत्ता आदि ऐसे अवकाश वेतन पर देय है भी अनुमन्य होगा, किन्तु ऐसे अधिकारी को जीवन निर्वाह भत्ते के साथ कोई महगाई भत्ता देय नही होगा, जिन्हे निलम्बन के पूर्व प्राप्त वेतन के साथ महगाई भत्ते का उपान्तिक समायोजन प्राप्त नही था। निलम्बन के दिनांक को प्राप्त वेतन के अधार पर अन्य प्रतिकर भत्ते भी निलम्बन की अवधि में इस शर्त पर देय होगा कि जब इसका समाधान हो जाय कि उसके द्वारा उस मद में व्यय वास्तव में किया जा रहा है।

उपर्युक्त प्रस्तर-2 में उल्लिखित मदों का भुगतान तभी किया जायेगा जब सुरेन्द्र मोहन पाण्डेय निलम्बित सफाईकर्मी द्वारा इस आशय का प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया जायेगा कि वह किसी अन्य सेवायोजन एवं व्यापार वृत्ति व्यवसाय में नही लगे हैं।

निलम्बन अवधि में सुरेन्द्र मोहन पाण्डेय निलम्बित सफाईकर्मी को विकास खण्ड-चोपन से सम्बद्ध किया जाता है तथा इनके निलम्बन प्रकरण में सहायक जिला पंचायत राज अधिकारी (प्राविधिक) को जांच अधिकारी नामित किया जाता है। नामित जाँच अधिकारी द्वारा निलम्बित कर्मचारी को नियमानुसार आरोप पत्र जारी करते हुये जाँच की कार्यवाही एक पक्ष के भीतर पूर्ण कर जाँच आख्या प्रस्तुत करेंगे।

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