प्रदेश में 72.6 फीसदी महिलाये माहवारी के समय सुरक्षित नियम अपना रही:डॉ अश्वनी कुमार

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अमित मिश्रा

सोनभद्र। अर्न्तराष्ट्रीय माहवारी स्वच्छता दिवस के अवसर पर जनपद के उपकेन्द्रों, सामुदायिक , प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय एवं बाल गृह बालिका में ‘‘टूगेदर फार्म अ पिरियड फ्रेडंली वर्ल्ड’’ थीम पर किशोरियों को माहवारी स्वच्छता एवं प्रबंधन के विषय में विभिन्न गतिविधियों यथा क्वीज प्रतियोगिता, पोस्टर प्रतियोगिता, मेहदीं मेकिंग प्रतियोगिता, खुली बैठक एवं चर्चा तथा आईईसी के माध्यम से जागरूक किया गया।

जनपद में कुल 164 स्वास्थ्य केन्द्रों पर किशोर मित्रता क्लब की बैठक का आयोजन माहवारी स्वच्छता एवं प्रबंधन विषय पर किया गया जिसमें 3076 किशोरियों 1071 किशोरों 488 अभिभावकों 1196 आशा, एएनएम,आंगनवाड़ी प्रतिभाग किया गया। प्रत्येक स्वास्थ्य इकाईयों पर माहवारी स्वच्छता एवं प्रबंधन विषय पर जागरूकता हेतु आयोजित प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान पाने वाले किशोर-किशोरियों को उपहार देकर पुरस्कृत भी किया गया।


इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 अश्वनी कुमार ने जनपद के समस्त किशोरियों एवं महिलाओं को संदेश देते हुए कहा की अर्न्तराष्ट्रीय माहवारी स्वच्छता दिवस को 28 मई को मनाये जाने के पीछे भी एक खास महत्व है। दरअसल, ज्यादातर किशोरियों एवं महिलाओं को हर महीने 05 दिन का मासिक धर्म होता है और इस मासिक धर्म का औसत अन्तराल 28 दिन का होता है। इस दिवस को प्रत्येक वर्ष 28 मई को मनाया जाता है।

इस वर्ष अर्न्तराष्ट्रीय माहवारी स्वच्छता दिवस ‘‘टूगेदर फार्म अ पिरियड फ्रेडंली वर्ल्ड’’ थी के साथ मनाया जा रहा है तथा सभी से सरकारी अपील की गयी है कि पिरियड फ्रेडंली वर्ल्ड का हैस टैग अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर जरूर लगायें जिससे लोगों तक यह संदेश पहुचाया जा सके कि मासिक धर्म या माहवारी शरीर की एक स्वभाविक प्रक्रिया है जिसमें साफ-सफाई का विशेष महत्व है।

राष्ट्रीय पारिवारिक स्वास्थ्य सर्वेक्षण 5 (2019-21) के अनुसार प्रदेश में 15 से 24 आयु वर्ग की 72.6 फीसदी महिलायें माहवारी के दौरान सुरक्षित साधनों का इस्तेमाल कर रही है जबकि जनपद  में 15 से 24 आयुवर्ग की मात्र 68.9 प्रतिशत महिलायें माहवारी के दौरान सुरक्षित साधनों का इस्तेमाल करती है। इस स्थिति में और सुधार लाने की आवश्यकता है, जिससे किशोरियों एवं महिलाओं को माहवारी के दौरान होने वाली संक्रमण एवं बीमारियों से बचाया जा सके। मासिक धर्म के दौरान सेनेटरी पैड का उपयोग करना चाहिये, कपउे़ का उपयोग बिलकुल नहीं करना चाहिए, अगर किन्ही कारणवश कपड़े का उपयोग करना पड़ तो सूती कपड़े को अच्छी तरह साबून से धोकर कड़े धूप में सूखाकर ही करना चाहिए। प्रत्येक 04 घण्टें में सेनेटरी पैड को अवश्य बदल देना चाहिए जिससे संक्रमण को रोका जा सके।

मासिक धर्म के दौरान पौष्टीक भोजन का सेवन एवं जिननान्गों को नियमित तौर पर साफ करना चाहिए। बहुत सी किशोरियों एवं महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान पेट में दर्द और कमजोरी की शिकायत होती है, ऐसी अवस्था में ज्यादा दिक्कत होने पर चिकित्सकीय परामर्श लें। साफ-सफाई की अनदेखी करने पर सर्वाइकल कैंसर, यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन, ल्यूकोरिया, धात गिरने जैसी समस्याओं के साथ-साथ अन्य कई प्रकार के संक्रमण हो सकते है।

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