अमित मिश्रा
O- बोर्ड परीक्षा : सोनभद्र में 3,162 अनुपस्थित, 80 केंद्रों पर हुई परीक्षा
O- उत्तर प्रदेश बोर्ड परीक्षा 2026: सख्ती और तकनीक के ‘डबल लॉक’ में 52 लाख से अधिक छात्र
O- पहले दिन शांतिपूर्ण परीक्षा; सोनभद्र में 3,162 अनुपस्थित, 80 केंद्रों पर कड़ी निगरानी
सोनभद्र । देश की सबसे बड़ी स्कूली परीक्षाओं में शुमार उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाएं बुधवार से अभूतपूर्व सुरक्षा और तकनीकी निगरानी के बीच शुरू हो गईं। राज्यभर में 52–53 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं परीक्षा दे रहे हैं। परीक्षा प्रक्रिया को नकलमुक्त बनाने के लिए इस वर्ष आंसरशीट के प्रारूप से लेकर कंट्रोल रूम मॉनिटरिंग तक कई संरचनात्मक बदलाव लागू किए गए हैं।
जिले-दर-जिले सख्ती, पहले दिन शांति
सोनभद्र जिले में 80 परीक्षा केंद्रों पर दोनों पालियों की परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।
- हाईस्कूल (कक्षा 10): पंजीकृत 26,813 | उपस्थित 24,698 | अनुपस्थित 2,115
- इंटरमीडिएट (कक्षा 12): पंजीकृत 20,562 | उपस्थित 19,515 | अनुपस्थित 1,047
कुल मिलाकर पहले दिन 3,162 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। जिला प्रशासन ने केंद्रों पर उड़नदस्तों, सेक्टर मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की तैनाती की पुष्टि की है।
बदली आंसरशीट, क्यूआर-कोड से ट्रैकिंग
इस बार परीक्षार्थियों को A-4 आकार की वर्टिकल आंसरशीट दी जा रही है।
- दो कवर पेज—एक छात्र के लिए, दूसरा परीक्षक के लिए
- हर पन्ने पर परिषद का लोगो और यूनिक कोड
- ‘A’ और ‘B’ कोडिंग सिस्टम
- क्यूआर कोड के जरिए डिजिटल ट्रैकिंग
- प्रत्येक पृष्ठ पर अनुक्रमांक/कॉपी क्रमांक अनिवार्य
परिषद के अधिकारियों का कहना है कि इन उपायों से पन्नों की अदला-बदली और हेरफेर की आशंका न्यूनतम होगी।
लाइव मॉनिटरिंग और संवेदनशील केंद्रों पर विशेष पहरा
राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम से सभी परीक्षा केंद्रों की लाइव निगरानी की जा रही है।
- सभी केंद्रों पर सीसीटीवी
- संवेदनशील केंद्रों पर वॉयस रिकॉर्डर
- स्ट्रांग रूम में 24×7 निगरानी
- केंद्रवार कोडिंग वाले प्रश्नपत्र
- चयनित केंद्रों पर जैमर पायलट
प्रदेश के हजारों केंद्रों में से सैकड़ों को संवेदनशील/अति संवेदनशील श्रेणी में रखकर अतिरिक्त सुरक्षा तैनात की गई है।
18 फरवरी से 12 मार्च तक ‘अग्निपरीक्षा’
परीक्षा 18 फरवरी से 12 मार्च तक चलेगी। कुछ तिथियों को उच्च सतर्कता दिवस घोषित किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीक और प्रशासनिक समन्वय का यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी मानक तय कर सकता है।
राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में उत्तर प्रदेश की यह पहल बड़े पैमाने पर पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि परीक्षा के शेष दिनों में भी यही सख्ती और सुव्यवस्था कायम रहती है या नहीं।






