स्कूली बच्चो की सुरक्षा में लापरवाही बरतने पर होगी सख्त कार्रवाई: जिलाधिकारी

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अमित मिश्रा

निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाकर वाहन चलाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई, स्कूली वाहनों की जांच का अभियान जारी

सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के अनुपालन के लिए सघन प्रवर्तन अभियान, 56 वाहनों के चालान एवं 14 वाहन बंद

सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। जनपद मे सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के प्रभावी अनुपालन तथा स्कूली बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए परिवहन विभाग द्वारा व्यापक स्तर पर सघन प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत स्कूली वाहनों के साथ-साथ यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले अन्य वाहनों के विरुद्ध भी नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। प्रवर्तन अभियान के दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के विरुद्ध कुल 56 चालान तथा 14 वाहनों को बंद करने की कार्रवाई की गई।

प्रवर्तन कार्रवाई के दौरान 05 ओवरलोड वाहनों के चालान तथा 03 ओवरलोड वाहनों को बंद, 09 बिना फिटनेस संचालित वाहनों के चालान, 10 परमिट की शर्तों के विरुद्ध संचालित वाहनों के चालान, 16 बिना हेलमेट वाहन चलाने के चालान तथा 06 वाहन चालकों द्वारा वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग करने पर चालान की कार्रवाई की गई।

इसी क्रम में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को विशेष प्राथमिकता देते हुए ऑटो, टोटो एवं ई-रिक्शा सहित स्कूली बच्चों के आवागमन में प्रयुक्त वाहनों की सघन जांच की जा रही है। जांच के दौरान निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाकर ले जाने, आवश्यक दस्तावेज एवं फिटनेस का अभाव तथा निर्धारित सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले वाहन संचालकों के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है।

स्कूली वाहनों के संचालकों एवं चालकों को दिए गए स्पष्ट निर्देश

एआरटीओ प्रवर्तन द्वारा स्कूली वाहनों के संचालकों, ड्राइवरों एवं ई-रिक्शा चालकों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया है कि वाहनों की निर्धारित क्षमता एवं शासन द्वारा निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुसार ही स्कूली बच्चों का परिवहन किया जाए। किसी भी दशा में क्षमता से अधिक बच्चों को वाहन में न बैठाया जाए। वाहन के आवश्यक दस्तावेज, फिटनेस एवं अन्य निर्धारित सुरक्षा मानकों को पूर्ण रखना अनिवार्य होगा।

वाहन संचालकों एवं चालकों को स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित वाहन चालक एवं संचालक के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। स्कूली बच्चों की सुरक्षा के मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।

जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि स्कूली वाहनों की जांच का अभियान निरंतर जारी रखा जाए तथा बच्चों की सुरक्षा से जुड़े निर्धारित मानकों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

जिलाधिकारी ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करें। ओवरलोडिंग से बचें, वाहनों को निर्धारित फिटनेस के साथ संचालित करें, परमिट की शर्तों का पालन करें, दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट का प्रयोग करें तथा वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग कदापि न करें।

जिलाधिकारी ने विशेष रूप से स्कूली वाहनों के संचालकों एवं चालकों से अपील की है कि बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निर्धारित क्षमता के अनुसार ही बच्चों का परिवहन करें। वाहनों में आवश्यक दस्तावेज, फिटनेस एवं निर्धारित सुरक्षा मानकों का अनिवार्य रूप से पालन सुनिश्चित करें।

जिलाधिकारी ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे अपने बच्चों को स्कूल भेजने के लिए केवल अधिकृत, फिट एवं निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करने वाले वाहनों का ही प्रयोग करें। क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाकर अथवा सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर संचालित होने वाले वाहनों से बच्चों को स्कूल भेजने से बचें।

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