सीएस पाण्डेय
‘हमनी के छोड़के नगरिया न हो, कहंवा जइबू हे माई…’ गीत पर नम आंखों से दी मां को विदाई
देवी मां कुछ भक्तों पर साक्षात हुई प्रकट, नारियल,घी देने के बाद हुई शांत
नौ दिनों की पूजा-अर्चना के बाद आश्रम जलाशय में हुआ प्रतिमा विसर्जन
बभनी/सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। ‘हमनी के छोड़के नगरिया न हो, कहंवा जइबू हे माई…’ जैसे भावुक गीतों के बीच मंगलवार को श्री हरिशंकर मंदिर असनहर ,पीस स्कूल असनहर,बभनी शिव मंदिर,चपकी,सहगोडा सहित सभी जगहों पर स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन किया गया। नौ दिनों तक विधि-विधान से पूजा-अर्चना और आराधना के बाद मां की विदाई के समय श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। भक्तों ने नम आंखों से मां दुर्गा को अगले वर्ष फिर आने का निमंत्रण देते हुए विदाई दी।
मंगलवार को मंदिर परिसर से मां दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन के लिए निकाली गई। वहीं पीस असनहर,चपकी, सहगोडा सहित अन्य स्थानों पर रखी प्रतिमाओं का बुधवार को विसर्जन किया गया।इस दौरान बाजे-गाजे और डीजे की धुन पर श्रद्धालु झूमते-नाचते आगे बढ़े। पूरा माहौल भक्तिमय गीतों और जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा के जयकारे लगाते हुए सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उत्साह और उल्लास के बीच जैसे-जैसे विसर्जन यात्रा आगे बढ़ी, मां की विदाई का भावुक क्षण भी करीब आता गया।
आचार्य सुनील कुमार द्विवेदी ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कराने के बाद मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन कराया। इसके बाद आश्रम जलाशय असनहर में प्रतिमा विसर्जित की गई। मां को विदाई देने के बाद श्रद्धालुओं ने भंडारे में महाप्रसाद ग्रहण किया।
इस मौके पर अमरदेव पांडेय, सूर्यकांत दुबे, संतोष कुमार, मुकेश कुमार,सतीश कुमार पांडेय, कमाल कश्यप, सोनू कश्यप, भोला, सविता पांडेय, बिमला, विकास पांडेय, राजेंद्र तिवारी, अभय पांडेय समेत सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे। नौ दिनों तक चले पूजा-अर्चना के कार्यक्रम का समापन श्रद्धा, भक्ति और भावुक माहौल के बीच हुआ।









