चंदौली जिले की बाघी ग्राम पंचायत की प्रधान नीलम ओहरी को समाजवादी पार्टी में महत्वपूर्ण संगठनात्मक जिम्मेदारी सौंपी गई है। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की अनुमति से उन्हें समाजवादी महिला सभा का राष्ट्रीय सचिव नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति के बाद क्षेत्र में राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।
बताया जाता है कि नीलम ओहरी पहले भारतीय जनता पार्टी में थीं। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने भाजपा से विधानसभा टिकट की मांग की थी। हालांकि, बाद में उन्होंने भाजपा से इस्तीफा देकर समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली। सपा में शामिल होने के बाद अब उनके विधानसभा टिकट की दावेदारी को लेकर भी क्षेत्र में चर्चाएं हो रही हैं। इसी बीच पार्टी नेतृत्व ने उन पर भरोसा जताते हुए महिला सभा का राष्ट्रीय सचिव नियुक्त किया है।
नीलम ओहरी अनुसूचित जाति समाज से आती हैं, जबकि उनके पति वैश्य समाज से हैं। ऐसे में उनकी नियुक्ति को क्षेत्र के सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है। राजनीतिक चर्चाओं के बीच माना जा रहा है कि उनके जरिए पार्टी को अनुसूचित जाति के साथ वैश्य समाज के लोगों तक भी अपनी पहुंच बनाने का अवसर मिल सकता है।
स्थानीय स्तर पर नीलम ओहरी की पहचान सक्रिय ग्राम प्रधान के रूप में है। क्षेत्र में लोगों के सुख-दुख में शामिल होने और जरूरत पड़ने पर मदद के लिए आगे आने के कारण उनकी लोकप्रियता की चर्चा होती रहती है। अब राष्ट्रीय सचिव की जिम्मेदारी मिलने के बाद उनकी राजनीतिक भूमिका को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
उनकी नियुक्ति पर समाजवादी पार्टी के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने बधाई दी है। अब क्षेत्र में उनकी नई संगठनात्मक जिम्मेदारी के साथ आगामी विधानसभा चुनाव में उनकी राजनीतिक दावेदारी को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं।









