सोनभद्र। बुधवार को विधानसभा-401 के नगवां ब्लॉक के कोदयी खास गांव में आदिवासी जेन जी और जेन अल्फा पीढ़ी के युवा “पेड़ हैं तो प्राण हैं” आंदोलन के तहत जल-जंगल-जमीन बचाने के लिए सड़क पर उतरे और प्रधानमंत्री से अपील की कि जल-जंगल-जमीन को न उजाड़ा जाए।
आंदोलन में शामिल विनय कुमार गोंड ने कहा कि जल-जंगल-जमीन हमारे पुरखों की विरासत है, इसे तहस-नहस न किया जाए अन्यथा हम सड़क पर उतरने को बाध्य होंगे।
गणेश गोंड ने कहा कि जल-जंगल हमारी विरासत है, इसे न उजाड़ा जाए। प्रिया गोंड ने प्रधानमंत्री से निवेदन किया कि हमारे पेड़, पानी, पहाड़ को न उजाड़ा जाए।
संतोष गोंड ने कहा जल-जंगल-जमीन हमारी पहचान है, इसे तहस-नहस न किया जाए। चंद्रावती गोंड ने कहा यह हमारी परंपरा है, इसे हम जाने नहीं देंगे।
सूर्य प्रकाश खरवार ने कहा जल-जंगल-जमीन से हमारी अस्मिता जुड़ी है, इसके लिए जीवन दे देंगे पर इसे कटने नहीं देंगे। गुरुजी चेरो ने कहा कि हमारे पूर्वज धरती आबा बिरसा मुंडा के बचाए जंगल को कोई नष्ट करेगा तो हम सब प्रतिकार करेंगे।
इस दौरान बसमतिया चेरो, मुन्नी खरवार, बैजनाथ, बाबूलाल, रामचंदर सहित सैकड़ों जेन जी व जेन अल्फा युवा उपस्थित रहे।






