डॉ मुजम्मिल
प्रदेश सरकार में माध्यमिक शिक्षा राज्यमन्त्री है गुलाब देवी
कांग्रेस पार्टी के नेता है सलीम सैफी
सम्भल(उत्तर प्रदेश)। सूबे की योगी सरकार में राज्यमन्त्री गुलाब देवी अपने मुस्लिम भाई के घर शादी की रस्म निभाने के लिए ढोलक बजा और गीत गाकर भात मांगी जिसे उनके भाई सलीम ने बखूबी निभाया और सगुन के साथ भात देकर रस्क को पूरा किया। इस रस्म अदायगी की खूब चर्चा हो रही है और हिंदू-मुस्लिम एकता का मिसाल पेश किया। बताते चले कि राज्यमन्त्री गुलाब देवी जो अपने माता-पिता की इकलौती संतान हैं, वह हर साल रक्षाबंधन पर सलीम सैफी को राखी बांधती आ रही और दोनो हिंदू मुस्लिम पर्व एक दूसरे के घर आते जाते हैं।
जनपद में योगी की मंत्री अपने मुस्लिम भाई के घर पहुंची भात मांगने सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहा है। राज्यमंत्री गुलाब देवी और जारई गेट निवासी कांग्रेस नेता सलीम सैफी के बीच 25 साल से भाई-बहन का पवित्र रिश्ता है। राज्यमंत्री रक्षाबंधन पर घर पहुंचकर सलीम को राखी बांधती हैं। उन्हें भाई दूज भी तिलक करती हैं। सलीम भी भाई का फर्ज बखूबी निभाते हैं। उनकी बेटियों की शादी में भात देने पहुंचते हैं। एक-दूसरे के सुख दुख में शामिल होते हैं। 16 फरवरी को राज्यमंत्री की सबसे छोटी बेटी ब्लॉक प्रमुख डॉ. सुगंधा सिंह की शादी है। शादी से पहले सोमवार की शाम राज्यमंत्री सलीम सैफी के घर भात मांगने पहुंचीं।
प्रदेश सरकार में माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री गुलाब देवी ने अपनी बेटी सुगंधा सिंह की शादी से पहले अपने मुंहबोले भाई, कांग्रेसी नेता सलीम सैफी के घर जाकर भात (शादी से पहले भाई द्वारा दिया जाने वाला उपहार) मांगा। इस अवसर ने हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल पेश की और सलीम के घर में खुशियों का माहौल बना दिया।
गुलाब देवी और सलीम सैफी के बीच यह भाई-बहन का रिश्ता लगभग 25 वर्षों से कायम है। दोनों पहले कांग्रेस पार्टी में साथ थे, लेकिन अब अलग-अलग राजनीतिक दलों में होने के बावजूद उनके रिश्ते में कोई कमी नहीं आई है। गुलाब देवी, जो अपने माता-पिता की इकलौती संतान हैं, हर साल रक्षाबंधन पर सलीम सैफी को राखी बांधती आ रही हैं। सलीम भी भाई का फर्ज निभाते हुए उनकी बेटियों की शादी में भात देने की परंपरा निभाते हैं।
वही सुगंधा की शादी के अवसर पर, गुलाब देवी ने सलीम सैफी के घर जाकर भात मांगा, जिसे सलीम ने खुशी-खुशी स्वीकार किया। इस रिश्ते ने समाज में सांप्रदायिक सौहार्द और भाईचारे का संदेश दिया है, जो वर्तमान समय में एक प्रेरणादायक उदाहरण है।







