अमित मिश्रा
सोनभद्र (उत्तर प्रदेश)। जमीन अधिग्रहण की आशंका को लेकर उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में किसानों का गुस्सा अब खुलकर सामने आने लगा है। करमा ब्लॉक के लोहरा गांव में आयोजित महापंचायत उस समय तनावपूर्ण हो गई, जब घोरावल से विधायक डॉ. अनिल मौर्य किसानों के तीखे सवालों के घेरे में आ गए।
महापंचायत में किसानों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब उन्होंने पहले ही एसडीएम और जिलाधिकारी को लिखित रूप में अपनी चिंताएं सौंप दी हैं, तो अब तक कोई स्पष्ट जवाब क्यों नहीं दिया गया। किसानों का आरोप है कि प्रशासन की चुप्पी उनकी आशंकाओं को और बढ़ा रही है।

विधायक डॉ. अनिल मौर्य ने जमीन अधिग्रहण की खबरों को अफवाह करार देते हुए जल्द ही जिलाधिकारी से मिलकर स्थिति स्पष्ट कराने का भरोसा दिया। हालांकि, किसानों ने इस पर पलटवार करते हुए पूछा कि यदि यह अफवाह है, तो प्रशासन की ओर से इसका आधिकारिक खंडन क्यों नहीं किया जा रहा।
सवालों की लगातार बौछार से माहौल गर्माता गया और स्थिति तब और बिगड़ गई जब विधायक अचानक सभा बीच में ही छोड़कर चले गए। इस घटनाक्रम से मौके पर मौजूद किसानों में नाराजगी और बढ़ गई।
24 मार्च से बढ़ी बेचैनी, संघर्ष समिति का गठन
दरअसल, 24 मार्च से भूमि अधिग्रहण की संभावित सूचना के बाद लोहरा गांव और आसपास के क्षेत्रों में किसानों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इसी को लेकर किसानों ने “सोनभद्र किसान संघर्ष समिति” का गठन किया है और महापंचायत के जरिए अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं।
किसानों का कहना है कि उन्होंने प्रशासन को ज्ञापन देकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की थी, लेकिन अब तक कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला है।

आंदोलन की चेतावनी
महापंचायत के अंत में किसानों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि जल्द ही प्रशासन की ओर से लिखित रूप में स्थिति स्पष्ट नहीं की गई, तो वे बड़े स्तर पर धरना-प्रदर्शन और आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
मुख्य बिंदु
- जमीन अधिग्रहण की आशंका से किसानों में आक्रोश
- महापंचायत में विधायक से तीखे सवाल
- प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल
- विधायक सभा छोड़कर निकले
- किसानों ने आंदोलन तेज करने की दी चेतावनी







