वीरेंद्र कुमार
विंढमगंज (सोनभद्र) । विंढमगंज थाना क्षेत्र के बरखोरहा गांव निवासी प्रभु चेरो की छत्तीसगढ़-झारखंड बॉर्डर पर बहने वाली केकरहवा नदी में डूबने से मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी जिरवा देवी को ग्रामीणों की तत्परता से बचा लिया गया। प्रभु चेरो और उनकी पत्नी अपने खेत पर छत्तीसगढ़ के दोलंगी में गए हुए थे। बुधवार को वापस लौटते समय तेज बहाव वाली केकरहवा नदी पार करते वक्त उनका संतुलन बिगड़ गया और वे नदी की तेज धार में बह गए। उनकी चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और काफी प्रयासों के बाद जिरवा देवी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन प्रभु चेरो बहाव में लापता हो गए। प्रशासन और ग्रामीणों ने मिलकर लगभग 24 घंटे की खोजबीन के बाद गुरुवार दोपहर केकरहवा घाट के पास उनका शव बरामद किया। शव मिलने की खबर से गांव में शोक फैल गया। बरखोरहा गांव के ग्राम प्रधान सुरजमन यादव मौके पर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दी। प्रभु चेरो अपने पीछे पत्नी जिरवा देवी और छह बच्चों को छोड़ गए हैं, जिनमें चार बेटियां और दो बेटे शामिल हैं। तीन बेटियों की शादी अभी नहीं हुई है, जिससे परिवार पर गहरा दुख हुआ है। यह घटना ग्रामीण इलाकों में नदी पार करते वक्त सुरक्षा के महत्व को उजागर करती है।







