संवाददाता – वीरेंद्र कुमार
विंढमगंज (सोनभद्र) । वट सावित्री व्रत के पावन अवसर पर सोमवार को क्षेत्र की सुहागिन महिलाओं ने पूरे श्रद्धा और आस्था के साथ वटवृक्ष की पूजा-अर्चना की। पति की दीर्घायु और पारिवारिक सुख-समृद्धि की कामना के साथ सुहागिनों ने दिनभर व्रत रखकर पूजन विधि पूरी की।
थाना परिसर से सटे बुटबेढ़वा स्थित हनुमान मंदिर और सलैयाडीह ग्राम पंचायत के काली मंदिर परिसर में वट सावित्री व्रत के अवसर पर धार्मिक आयोजन हुए। हनुमान मंदिर के पुजारी आनंद कुमार दुबे और काली मंदिर के पुजारी बबलू तिवारी ने व्रती महिलाओं को वट सावित्री व्रत की महिमा और कथा का श्रवण कराया।

महुली समेत आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह से ही सुहागिन महिलाओं का मंदिरों और वटवृक्ष के समीप आना-जाना शुरू हो गया था। सभी ने व्रत का पालन करते हुए वटवृक्ष की जड़ों में जल अर्पित किया और कच्चे धागे से सात बार पेड़ की परिक्रमा की। तत्पश्चात उन्होंने पंखे से वटवृक्ष को हवा देकर पूजा पूर्ण की और सत्यवान-सावित्री की कथा श्रवण किया।

कथावाचकों ने बताया कि वट सावित्री व्रत करवा चौथ के समान ही महत्व रखता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावित्री ने इसी व्रत के प्रभाव से अपने मृत पति सत्यवान के प्राण यमराज से वापस प्राप्त किए थे। इस दिन यमराज, सावित्री और सत्यवान की विशेष पूजा होती है। व्रत नारी शक्ति की आस्था और समर्पण का प्रतीक है।
यह पर्व न केवल पति की लंबी उम्र, बल्कि संतान प्राप्ति के लिए भी फलदायी माना जाता है। क्षेत्र में व्रत को लेकर महिलाओं में गहरी आस्था और उत्साह देखा गया।







