योगी सरकार ने घुटनो के वाल ला खड़ा कर दिया प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को: प्रमोद यादव

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अमित मिश्रा

घुटने के बल चलकर सपा कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पर किया विरोध प्रदर्शन

सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। प्रदेश सरकार द्वारा बेसिक शिक्षा के 50 बच्चो से कम पंजीकरण वाले स्कूलों को बंद करने का निर्णय लिया है जिसके विरोध में शिक्षक संघ के साथ ही राजीनीतिक दल एक साथ है। आज शिक्षा व्यवस्था को लेकर समाजवादी पार्टी के नेताओ का आक्रोश सड़कों पर दिखने को मिला। सपा कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्ट्रेट परिसर में घुटनों के बल चलकर अनोखा विरोध प्रदर्शन किया इनका आरोप है कि प्रदेश सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह घुटनों पर ला दिया है।


प्रदेश भर में 10 हजार से ज्यादा प्राथमिक विद्यालयों को बंद कर,
उन्हें पास के स्कूलों में मर्ज किया जा रहा है। जो कि ग्रामीण और आदिवासी इलाकों के बच्चों के साथ अन्याय है। सपा कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी भी दी है कि यदि सरकार ने अपना फैसला वापस नहीं लिया, तो आने वाले दिनों में प्रभारी मंत्री और मुख्यमंत्री का घेराव किया जाएगा।

आज समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं कलकेट्रेट पर अलग ही अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया और सरकार की शिक्षा विरोधी नीतियों के खिलाफ सपा के लोगो ने घुटनों के बल चलकर प्रदर्शन और जमकर नारेबाज़ी किया।

प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं का कहना था कि प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था को चौपट करने पर तुली है। करीब 10 हजार प्राथमिक विद्यालयों को बंद कर, उनके बच्चों और शिक्षकों को पास के स्कूलों में मर्ज किया जा रहा है। लेकिन सोनभद्र जैसे अति-पिछड़े और दूर-दराज़ के जिलों में यह फैसला छात्रों के लिए परेशानी और असुरक्षा का कारण बन रहा है।कई गाँवों में बच्चे पैदल, ऊबड़-खाबड़ रास्तों से मीलों दूर स्कूल जाने को मजबूर होंगे, जो उनके भविष्य को संकट में डाल देगा।

सपा कार्यकर्ताओं ने इसे शिक्षा के अधिकार का हनन बताया और जिला प्रशासन के ज़रिए राज्यपाल को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि सभी बंद किए गए विद्यालयों को फिर से खोला जाए, और बच्चों को उनके नज़दीकी स्कूलों में पढ़ाई का अधिकार दिया जाए। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने बिजली विभाग के निजीकरण पर भी सरकार को घेरा और कहा कि प्रदेश सरकार जनहित के सभी संस्थानों को एक-एक कर बेचने की तैयारी में है। सपा नेताओं ने साफ चेतावनी दी अगर सरकार चेतती नहीं है, तो जल्द ही सोनभद्र में मुख्यमंत्री या प्रभारी मंत्री का घेराव किया जाएगा।

वही प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे प्रमोद यादव ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार ने शिक्षा को घुटने के बल पर ला दिया है। जनपद 8वाँ अति पिछड़ा जिला है अगर यहां सरकारी विद्यालयों को समायोजित किया जाता है तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है। जनपद में कुल 84 विद्यालयों का चयन मर्जर किया जाना है जिसमें की 18 विद्यालयों को मर्ज किया जा चुका है। इस नीति से काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा जहां बच्चे नहर, नाले, पुल पार करके जाते हैं ,यह दुर्भाग्यपूर्ण है।

इतना ही नही प्रमोद यादव ने कहा कि हमें तो लगता है कि गांव – गांव में जो स्वास्थ्य केंद्र हैं उन्हें भी सरकार बंद करने का काम करेगी। इन सबके साथ बिजली का निजीकरण कर रही  जिससे कि आम जनता पर महंगाई का बोझ बढ़ेगा और जो शिक्षा व्यवस्था को घुटने पर ला दिए हैं। इसे सपा कार्यकर्ता बर्दास्त नहीं करेंगे अगर सरकार जनपद में स्कूलों को लेकर अपने नियमों में बदलवा नहीं करती तो आने वाले दिनों में प्रभारी मंत्री या मुख्यमंत्री आएंगे तो हम लोग घेराव करेंगे। जिसे लेकर राज्यपाल को नामित ज्ञापन सौंपा गया।

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